केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को डिब्रूगढ़ में असम विधानसभा के प्रस्तावित दूसरे परिसर की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद ऊपरी असम में शासन को मजबूत करना और लोगों के लिए प्रशासनिक पहुंच में सुधार करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि यहां पर लगभग 825 करोड़ रुपए की लागत से 5 परियोजनाओं का भूमि पूजन और उद्घाटन हुआ है। मैं असम के मुख्यमंत्री को बहुत बधाई देता हूं, जिन्होंने 2025 में घोषणा की कि असम को हम समावेशी बनाएंगे। उन्होंने डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी बनाने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि नया विधानसभा परिसर, विधायक छात्रावास के साथ, पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में शासन की आसानी को काफी बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ऊपरी असम के लोगों को सुशासन के लाभों के करीब लाने में मदद करेगी और प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी को कम करेगी।
इसी बीच कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा, “हमने कांग्रेस की सरकारें देखी हैं, कई सारी घोषणाएं सिर्फ घोषणाएं बनकर रह जाती थीं। लेकिन हिमंता बिस्वा शर्मा ने घोषणा की और ढाई सौ एकड़ में असम के दूसरे विधानसभा परिसर का शिलान्यास हुआ है। आज पूरे भारत में डिब्रूगढ़ के वासी राजधानी असम के वासी माने जाएंगे।”
उन्होंने कहा, “यह डिब्रूगढ़ की धरती है, जहां से असम की चाय की खुशबू दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचती है और भारतीय चाय का स्वादिष्ट स्वाद दुनिया भर में पसंद किया जाता है। इस इलाके ने भारत को दुनिया भर में एक अलग पहचान दी है। यहां के मेहनती चाय बागानों के मज़दूरों ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और एक्सपोर्ट को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।”
अधिकारियों के अनुसार, नए विधानसभा परिसर और विधायक छात्रावास की अनुमानित लागत 284 करोड़ रुपए से 300 करोड़ रुपए के बीच होगी। इमारतों को पारंपरिक असमिया वास्तुकला तत्वों और आधुनिक सुविधाओं के मिश्रण के साथ डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें सांस्कृतिक पहचान और कार्यात्मक दक्षता दोनों को ध्यान में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रशासनिक गतिविधियों के विकेंद्रीकरण और ऊपरी असम में संस्थागत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

