16 फरवरी । केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह नए ऑफिस में काम करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने लिखा, ’16 फरवरी एक ऐतिहासिक दिन है। नए पीएमओ में पहला पूरा वर्किंग डे है।’
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आगे लिखा कि कॉलोनियल शासन की छाया से पब्लिक सर्विस के जीवंत गलियारों तक, शाही साउथ ब्लॉक से आजाद सेवा तीर्थ तक, यह बदलाव सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्के यकीन और पक्के इरादे की वजह से ही मुमकिन हुआ है। 100 साल पुराने साउथ ब्लॉक से काम करने वाले आखिरी लोगों में से एक और, साथ ही, नए सेवा तीर्थ से काम करने वाले पहले लोगों में से एक होना बहुत बड़ी खुशकिस्मती है।
बता दें कि नए पीएमओ भवन का उद्घाटन 13 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने किया था और 13 फरवरी को ही साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की आखिरी बैठक हुई थी।
साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था। ये भवन औपनिवेशिक शासन के प्रतीक थे, जिनके जरिए भारत को लंबे समय तक गुलामी में रखा गया। 1947 में आजादी मिलने के बाद भी प्रशासनिक ढांचा काफी हद तक उसी पुरानी व्यवस्था पर आधारित रहा। स्वतंत्रता के बाद से पीएमओ साउथ ब्लॉक से ही संचालित होता आया है। अब यह बदलाव एक ऐतिहासिक कदम है, जो औपनिवेशिक अतीत से मुक्ति और भारतीय मूल्यों पर आधारित नई शुरुआत का प्रतीक है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह बदलाव सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत कई अन्य नाम भी बदले गए हैं, जैसे केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन और राजपथ को कर्तव्य पथ।
इस नए परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय भी एक छत के नीचे आ गए हैं। इससे प्रशासनिक कामकाज अधिक कुशल, एकीकृत और नागरिक-केंद्रित बनेगा। परिसर की दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य अंकित है, जो सेवा की भावना को मजबूत करता है।
सरकार का मानना है कि ये कदम औपनिवेशिक प्रतीकों से दूर हटकर आधुनिक, भारतीय जनभावना के अनुरूप शासन व्यवस्था को मजबूत करेंगे। सेवा तीर्थ में आधुनिक सुविधाएं, डिजिटल एकीकरण और बेहतर समन्वय की व्यवस्था है, जो देश की प्रगति और विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी।


Leave feedback about this