N1Live National केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने लोकसभा में अमरावती विधेयक को बताया ऐतिहासिक
National

केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने लोकसभा में अमरावती विधेयक को बताया ऐतिहासिक

Union Minister Pemmasani Chandrasekhar called the Amaravati Bill historic in the Lok Sabha.

1 अप्रैल । लोकसभा में बुधवार को आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी के रूप में अमरावती को कानूनी दर्जा देने वाले विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने भावुक भाषण दिया।

पेम्मासानी चंद्रशेखर ने लोकसभा में कहा कि ऐसे ऐतिहासिक क्षण में सदन में “अमरावती के पुत्र” के रूप में बोलना उनके लिए सम्मान और गर्व की बात है। उन्होंने अमरावती को कानूनी मान्यता देने के इस कदम को तेलुगु लोगों की स्वप्निल राजधानी और राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

पेम्मासानी चंद्रशेखर ने राजधानी के निर्माण के लिए अपनी पुश्तैनी कृषि भूमि का त्याग करने वाले किसानों और अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और लंबे समय से चल रहे आंदोलनों में भाग लेने वाली महिलाओं के प्रति भी हार्दिक आभार व्यक्त किया।

लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 पेश हुआ। इस विधेयक के जरिए अमरावती को आधिकारिक तौर पर राज्य की एकमात्र राजधानी के रूप में मान्यता मिल जाएगी। इससे पहले 28 मार्च को आंध्र प्रदेश विधानसभा ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसने इस विधेयक के लिए रास्ता साफ किया।

दरअसल, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 के तहत राज्य के विभाजन के बाद हैदराबाद को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की साझा राजधानी बनाया गया था। इस व्यवस्था की समय सीमा अधिकतम 10 साल तय की गई थी। इसके बाद हैदराबाद केवल तेलंगाना की राजधानी बनना था और आंध्र प्रदेश को अपनी नई राजधानी स्थापित करनी थी।

इसके बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने विचार-विमर्श, योजना और परामर्श के बाद अमरावती को नई राजधानी के रूप में चिह्नित किया। इस दिशा में प्रशासनिक, विधायी और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े कदम उठाए गए ताकि अमरावती को एक पूर्ण विकसित राजधानी के रूप में स्थापित किया जा सके। अब प्रस्तावित संशोधन विधेयक के जरिए 2014 के कानून की धारा 5(2) में बदलाव कर अमरावती का नाम आधिकारिक रूप से राज्य की राजधानी के तौर पर शामिल किया जाएगा। यह संशोधन 2 जून 2024 से प्रभावी माना जाएगा।

Exit mobile version