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पीओके में अशांति बरकरार, सिविल सोसायटी ग्रुप ने 15 जुलाई को मार्च का ऐलान किया

Unrest persists in PoK; civil society group announces a march for July 15.

 

इस्लामाबाद, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बढ़ती अशांति के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकालने की घोषणा की है। जेएएसी ने पूरे इलाके के लोगों से बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। पीओके में हालिया अशांति में दर्जनों लोग मारे गए।

जेएएसी ने रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में दो और जवान मारे गए। पीओके में पाकिस्तानी सेना की ओर से की जा रही कार्रवाई के बीच इलाके में तनाव बढ़ गया है।

जेएएसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, “मुजफ्फराबाद असेंबली में बैठा हर शासक इस हत्याकांड के लिए जिम्मेदार है, लोग याद रखेंगे कि हमारे इन नौजवानों के कातिल पाकिस्तानी सेना और मुजफ्फराबाद के शासक हैं।”

इसमें आगे कहा गया, “एक तरफ हम अपने जवान भाइयों की लाशें उठा रहे हैं; एक महीने पहले मारे गए लोगों के अवशेष अभी भी कस्टडी में रखे हैं और दूसरी तरफ हुक्मरान इस हत्याकांड को नजरअंदाज करके इसे चुनावी जश्न में बदल रहे हैं। हम इन कातिलों से मरने वालों के खून का बदला लेंगे।”

इस बीच, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने दावा किया कि 7 जून से, पीओके में लाखों लोग लंबे समय से कम्युनिकेशन ब्लैकआउट, आने-जाने पर रोक, खाने, दवा और दूसरी जरूरी चीजों की कमी से प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इलाके में लगातार अशांति के चलते ये कार्रवाई की है।

यूकेपीएनपी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया कि कब्जे वाले क्षेत्र में लगी नाकेबंदी को समाप्त कराने तथा लोगों, वस्तुओं और मानवीय सहायता की निर्बाध आवाजाही बहाल करने के लिए प्रयास किए जाएं।

समूह ने पाकिस्तानी अधिकारियों से जेएएसी नेता शौकत नवाज मीर तथा हिरासत में लिए गए और लापता किए गए अन्य सभी लोगों को बिना किसी देरी के सक्षम और स्वतंत्र अदालतों के समक्ष पेश करने की मांग भी की।

इसमें आगे कहा गया, “शौकत नवाज मीर और जिन लोगों को जबरदस्ती गायब किया गया है, उनके ठिकाने का तुरंत खुलासा होना चाहिए। उन्हें बिना किसी देरी के कोर्ट के सामने लाया जाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार स्टैंडर्ड के हिसाब से लीगल रिप्रेजेंटेशन, सही और निष्पक्ष प्रक्रिया तथा पब्लिक ट्रायल की गारंटी मिलनी चाहिए।”

पीओके में बढ़ते मानवाधिकार के उल्लंघन पर गहरी चिंता जताते हुए यूनाइटेड किंगडम कंजर्वेटिव पार्टी के लीडर और सांसद, बॉब ब्लैकमैन ने एक्स पर पोस्ट किया, “पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हत्याएं रुकी नहीं हैं। लोगों की जानें गई हैं, कार्रवाई जारी है और अभी भी पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिला है। हमें जवाबदेही की मांग करनी चाहिए।”

 

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