उत्तर प्रदेश के मुरथल में सिद्ध बाबा महंत बुधनाथ जी महाराज की प्रतिमा की प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 8वीं से 19वीं शताब्दी तक, भारत को आक्रमणकारियों के बार-बार हमलों के कारण अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को भारी नुकसान पहुंचाना पड़ा।
देशभर से आए हजारों नाथ संप्रदाय के योगियों, संतों और भक्तों को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘सनातन धर्म’ केवल पूजा की एक विधि नहीं है, बल्कि एक व्यापक संस्कृति है जो जीवन का मार्गदर्शन करती है।
उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के संगम में लगभग 45 लाख श्रद्धालुओं का स्नान करना विश्व के लिए आश्चर्य का विषय था। युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा विनाश की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के शत्रु प्रत्यक्ष युद्ध में विफल हो रहे हैं और युवाओं को नशे के जाल में फंसाने की साजिश रच रहे हैं।
उन्होंने संत समुदाय और नागरिकों से मादक पदार्थों के विरुद्ध व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने की अपील करते हुए पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और तालाबों एवं नदियों के जीर्णोद्धार पर भी बल दिया और कहा कि पवित्र नदियों के प्रवाह को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्लास्टिक मुक्त समाज और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
सहकारिता, जेल, चुनाव, विरासत और पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत उसकी ताकत है और इसी ताकत के आधार पर भारत दुनिया को शांति और सद्भाव का मार्ग दिखा रहा है।


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