उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने पदभार संभालने के बाद पार्टी की रणनीति और आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर खुलकर बात की। दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि कांग्रेस को यूपी में फिर से मजबूत करना और इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।
अपनी नई जिम्मेदारी पर आराधना मिश्रा ने कहा, “मेरी चार पीढ़ियां कांग्रेस पार्टी में रही हैं, जिसमें दो पीढ़ियां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रही हैं। मेरे पिता पिछले 45-46 सालों से कांग्रेस पार्टी और देश की सेवा में लगे हैं। मुझे खुद भी 25 साल हो गए हैं। इसलिए मुझे इस विरासत को आगे ले जाना है। जिम्मेदारी के साथ चुनौतियां आती हैं लेकिन मैं चुनौतियों से कभी डरी नहीं हूं। चुनौती को स्वीकार भी करूंगी और परास्त भी करूंगी। सबको साथ लेकर चलना मेरी प्राथमिकता है। संगठन को मजबूत करना और नेतृत्व के विश्वास पर खरा उतरना ही मेरा उद्देश्य है।”
समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं पर आराधना मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यह फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व का होगा। उन्होंने कहा, “इंडिया गठबंधन का गठन प्रदेश स्तर पर नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर हुआ था। गठबंधन में जो वरिष्ठ सदस्य हैं, वे सब राष्ट्रीय नेतृत्व हैं। गठबंधन कब होगा, कैसे होगा और किन शर्तों पर होगा, इसका निर्णय वही लेंगे।”
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा, “इंडिया गठबंधन कल भी बहुत मजबूत था, जिसका परिणाम हमने 2024 में देखा। अगर भारतीय जनता पार्टी के अहंकार का रथ कहीं रुका था तो वह उत्तर प्रदेश की धरती पर रुका था। गठबंधन ने उसे रोका। यह गठबंधन के सामंजस्य, कार्यकर्ताओं की एकजुटता और उत्तर प्रदेश की जनता के जनादेश का परिणाम था। आज मोदी सरकार बैसाखी पर है, एक तरफ चंद्रबाबू नायडू हैं और दूसरी तरफ नीतीश कुमार हैं। जिस दिन यह बैसाखी हट जाएगी, सरकार भी गिर जाएगी। मुझे पूरा भरोसा है कि 2024 से भी बेहतर परिणाम 2027 में आएंगे।”
अखिलेश यादव के ‘जीत जरूरी है’ वाले बयान पर सहमति जताते हुए उन्होंने कहा, “बिल्कुल, हम भी यही कह रहे हैं कि जीत जरूरी है, सीट नहीं। हम जितनी भी सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे, कांग्रेस मजबूती से गठबंधन धर्म निभाएगी। और जहां कांग्रेस के प्रत्याशी लड़ेंगे, वहां गठबंधन के हमारे साथी पूरी ताकत लगाएंगे। हम मिशन 2027 को पूरा करेंगे और सरकार बनाएंगे।”
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान पर कि यूपी में किसी पार्टी ने मुसलमानों को आगे नहीं बढ़ाया, आराधना मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह वोट बैंक की राजनीति है। कांग्रेस पार्टी के लिए ऐसी राजनीति न थी, न है और न होगी। आजादी के आंदोलन से लेकर अब तक कांग्रेस ने हर जाति, हर धर्म, हर बिरादरी, हर समुदाय, अगड़े-पिछड़े सबको साथ लेकर चलने का काम किया है। हमने इसका नुकसान भी सहा है लेकिन हमने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और न कभी करेंगे।”
उन्होंने कहा, “अब संकीर्ण विचारधारा की राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। चाहे ओवैसी हों या भाजपा, इस तरह की राजनीति अब नहीं चलेगी। आज हर नौजवान रोजगार मांग रहा है, महिलाएं महंगाई से निजात मांग रही हैं और किसान उन्नति मांग रहा है। सबसे बड़ी चुनौती आज देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है, जिसे चुनाव आयोग ने पूरी तरह से कमजोर कर दिया है। 2027 का चुनाव उत्तर प्रदेश में इन्हीं मुद्दों पर होगा।”
चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा के लिए कांग्रेस की बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस पार्टी की बैठक नहीं है बल्कि यह देश की आवाज है। यह आवाज राहुल गांधी ने उठाई थी। हरियाणा चुनाव के बाद उन्होंने स्पष्ट किया था कि एसआईआर के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है। आज 13 करोड़ से ज्यादा नाम मतदाता सूची से काटे जा चुके हैं। देश के लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया गया है, जो अधिकार संविधान ने और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने दिया था।”
उन्होंने कहा, “संवैधानिक अधिकारों के हनन के खिलाफ यह मुहिम है। कांग्रेस का यह संकल्प है कि राहुल गांधी की अगुवाई में पूरा देश और खासकर उत्तर प्रदेश एक साथ खड़ा होगा और अपने मतों की रक्षा करेगा, संविधान की रक्षा करेगा और लोकतंत्र की रक्षा करेगा।”

