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श्रीनगर पहुंचते ही संदीपा धर ने किया शंकराचार्य मंदिर का रुख, 250 सीढ़ियां चढ़कर किए दर्शन

Upon arriving in Srinagar, Sandeepa Dhar headed to the Shankaracharya Temple and climbed 250 steps to offer prayers.

एक्ट्रेस संदीपा धर इन दिनों कश्मीर की वादियों से लगातार खूबसूरत तस्वीरें अपने फैंस के साथ साझा कर रही हैं। एक्ट्रेस ने अपनी इस यात्रा की शुरुआत आध्यात्मिक अनुभव से की। श्रीनगर पहुंचते ही वह सबसे पहले शंकराचार्य मंदिर पहुंचीं। पहाड़ी की चोटी पर बने इस मंदिर तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब 250 सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। रास्ता आसान नहीं था, लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद उन्हें जो अनुभव मिला, उसने पूरी थकान भुला दी।

संदीपा ने इंस्टाग्राम पर अपनी इस यात्रा की झलकियां शेयर करते हुए कहा, ”श्रीनगर में आने के बाद सबसे पहली इच्छा इसी मंदिर में जाने की थी। शंकराचार्य पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए मुझे लगातार सीढ़ियां चढ़नी थीं। ऊंचाई पर चढ़ते हुए पहाड़ की हवा और खड़ी चढ़ाई ने मुश्किलों को बढ़ा दिया। बीच रास्ते में मेरे पैर कांपने तक लगे थे, लेकिन मैंने चढ़ाई जारी रखी।”

उन्होंने कहा, ”आखिरकार जब मैं मंदिर की चोटी तक पहुंचीं तो ऐसा लगा, जैसे मेरी मेहनत सफल हो गई हो। वहां मैंने पवित्र शिवलिंग के दर्शन किए और कुछ समय प्रार्थना की। मंदिर का शांत माहौल और आसपास का आध्यात्मिक वातावरण काफी खास था।” संदीपा ने उस जगह पर खड़े होने का अनुभव भी साझा किया, जहां मान्यता है कि आदि शंकराचार्य ने सदियों पहले ध्यान किया था। एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने महसूस किया कि इस जगह में एक अलग तरह की ऊर्जा है, जिसे शब्दों में बताना आसान नहीं है।

पहली बार शंकराचार्य मंदिर पहुंचीं संदीपा ने अपने दर्शन को बेहद सौभाग्यशाली बताया और अपनी पोस्ट में ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखा। शंकराचार्य मंदिर धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपनी लोकेशन के लिए भी खास है। यह मंदिर कश्मीर घाटी से करीब 1,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। चोटी पर पहुंचने के बाद यहां से श्रीनगर शहर और डल झील का शानदार नजारा दिखाई देता है।

इस मंदिर का इतिहास भी काफी पुराना माना जाता है। इसे कश्मीर के प्राचीन मंदिरों में शामिल किया जाता है और इसकी शुरुआत करीब 200 ईसा पूर्व के आसपास मानी जाती है। मंदिर का नाम आदि शंकराचार्य से जुड़ा है और मान्यता है कि उन्होंने यहां ध्यान किया था। हालांकि, इतिहास को लेकर अलग-अलग मत भी मौजूद हैं। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इस स्थान का इस्तेमाल शुरुआती दौर में बौद्ध उपासना के लिए किया जाता था और बाद में यह हिंदू धार्मिक स्थल के रूप में विकसित हुआ।

अगर संदीपा के काम की बात करें तो वह जल्द ही नेटफ्लिक्स की ओरिजिनल सीरीज ‘चुंबक’ में नजर आने वाली हैं।

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