पंजाब के मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद हंगामा मच गया है। परविंदर सिंह की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा मुझे कहता था, ‘मां, ये मुझे मार देंगे।’ जाने से पहले मेरे पैर छूकर बोला, ‘मां, मेरा खाना तैयार रखना।’ उन्होंने मेरा अनमोल बेटा छीन लिया। भगवंत मान सरकार ने सब बर्बाद कर दिया है।”
चंडीगढ़ में भाजपा पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, “हर सुबह उठकर इधर-उधर हत्याओं की खबर सुनना दिल दहला देने वाला है। आज मैं बहुत दुखी हूं कि परविंदर, जो मानसा में नशा रोकने के लिए इतनी मेहनत कर रहा था, उसे दिनदहाड़े गोली मार दी गई। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। मेरा मानना है कि यह सरकार पूरी तरह फेल हो गई है और सिर्फ चुटकुले सुनाने तक सीमित रह गई है। इसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा देकर सरकार के हटने का रास्ता साफ करना चाहिए।”
भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने कहा, “पंजाब सरकार नशा तस्करों के साथ मिली हुई है। तभी तो अगर कोई नशे के खिलाफ आवाज उठाता है, तो पुलिस उसकी पिटाई करके बुरा हाल कर देती है। परविंदर सिंह झोटा जो नशे के खिलाफ काम कर रहा था, उसे भी नशा तस्करों ने गोलियां मार दीं।”
कांग्रेस नेता अर्शदीप गगोवाल ने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। वह पिछले चार-पांच सालों से लोगों के लिए लड़ रहा था और उसी लड़ाई को जारी रखते हुए उसने अपनी जान गंवा दी। वह अपने पीछे छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गया है। मैं प्रशासन से अपील करता हूं कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे और उनसे पूछताछ करे।”
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा, “यह बेहद दुखद और चौंकाने वाला है कि नशा पूरे पंजाब में बह रहा है, हर घर तक पहुंच रहा है और माताओं को आंसू बहाने पर मजबूर कर रहा है। सरकार ने चार महीने में नशा खत्म करने और बड़ी मछलियों को पकड़ने का वादा किया था, यह दावा करते हुए कि उसे पता है कि नशा कहां बनता और बिकता है। लेकिन, पांच साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मानसा में एक नशा विरोधी कार्यकर्ता ने केमिस्ट की दुकान पर नशा बिकने का लाइव वीडियो बनाकर पर्दाफाश किया था, उसे गोली मार दी गई। ग्राहकों ने कैमरे पर माना कि उन्होंने नशा खरीदा था, फिर भी बेचने वाले ने पूरी सच्चाई उजागर करने वाले कार्यकर्ता को गोली मारकर हत्या करने की हिम्मत दिखाई।”
अमृतसर में अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा, “सबसे पहले मैं इस दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना की कड़ी निंदा करता हूं। परविंदर ने नशे के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी थी और आज उसे दिनदहाड़े गोली मार दी गई, हत्या लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग में कैद हुई है। मैं सबको याद दिलाना चाहता हूं कि मानसा वही जिला है, जहां सिद्धू मूसेवाला की भी दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। परविंदर की मौत के लिए भगवंत मान जिम्मेदार हैं, क्योंकि उसने मुख्यमंत्री के सामने बार-बार नशे का मुद्दा उठाया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने कभी उसे बुलाकर उसकी चिंताओं के बारे में नहीं पूछा और न ही उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की।”
इस मामले पर एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा, “हमारा फोकस अभी आरोपी को गिरफ्तार करने पर है। हम उस पर काम कर रहे हैं और बाकी सभी सवालों का जवाब जांच के दौरान दिया जाएगा।”

