उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 गुरुवार से शुरू हो गई। तीन दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा को पूरी तरह नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) की ओर से आयोजित यह परीक्षा 2 जुलाई से 4 जुलाई तक 60 जिलों में कराई जा रही है। परीक्षा कुल 5 शिफ्टों में आयोजित होगी और इसके जरिए प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) तथा उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) स्तर पर शिक्षक बनने की पात्रता तय की जाएगी।
प्रयागराज में परीक्षा 53 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई, जहां अभ्यर्थियों को सख्त सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जौनपुर से परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “मैं यूपी टीईटी की परीक्षा देने आया हूं। यहां व्यवस्था बहुत अच्छी है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। मेरा मानना है कि बायोमेट्रिक उपस्थिति भी कराई जाएगी।”
एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा, “हम यहां यूपी टीईटी का पेपर देने आए हैं। यहां की व्यवस्था काफी बढ़िया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।” वहीं, एक अन्य परीक्षार्थी ने कहा, “सुरक्षा व्यवस्था काफी अच्छी है। मेरी तैयारी पूरी है, लेकिन पेपर आसान होगा या कठिन, इसका पता परीक्षा देने के बाद ही चलेगा।”
अमेठी में भी सुबह से ही अभ्यर्थी अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे। वहीं लखनऊ में विभिन्न जिलों से आए उम्मीदवार निर्धारित केंद्रों पर समय से पहुंचे और परीक्षा में शामिल हुए। वाराणसी में परीक्षा पूरी तरह हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई जा रही है। यहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, जैमर और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और नकलमुक्त तरीके से संपन्न हो सके।
उन्नाव में परीक्षा 7 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जहां 2,352 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। सभी उम्मीदवारों को सघन सुरक्षा जांच के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। वहीं, प्रतापगढ़ में टीईटी परीक्षा 18 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई है। जिले में 44,700 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं।
अधिकांश अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें निष्पक्ष माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिल रहा है।
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