February 11, 2026
National

इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में अमेरिका, रूस के वॉरशिप होंगे एक ही कतार में, फिलीपींस और यूएई के वॉरशिप का होगा डेब्यू

US, Russian warships to line up at International Fleet Review, Philippines and UAE warships to debut

11 फरवरी । विशाखापत्तनम में 15 से 25 फरवरी तक वॉरशिप का मेला लगने वाला है। सुप्रीम कमांडर द्रौपदी मुर्मु का प्रेसिडेंशियल यॉट जब फ्लीट रिव्यू के लिए निकलेगा, तो दुनिया भर के वॉरशिप और नेवल पर्सनल सेल्यूट करते नजर आएंगे। रूस और अमेरिका के बीच चाहे कितनी भी खींचतान जारी हो, लेकिन भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में दोनों ही देश अपने वॉरशिप के साथ मौजूद रहेंगे।

नौसेना के मुताबिक, रूस की ओर से फ्रिगेट आरएफ़एस मार्शल शापोशनिकोव और अमेरिका की ओर से गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर पिंकनी हिस्सा ले रहे हैं।

साल 2026 के आईएफ़आर में दुनिया के कुल 137 देशों को न्योता दिया गया है। 70 से ज्यादा देशों ने अपनी हिस्सेदारी की सहमति दी है। इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत के तकरीबन 70 से ज़्यादा वॉरशिप और सबमरीन शामिल होंगे, वहीं 20 से ज़्यादा विदेशी जंगी जहाज भी आ रहे हैं।

पहली बार फिलीपींस और यूएई के वॉरशिप इस आईएफ़आर में हिस्सा ले रहे हैं। साथ ही पहली बार जर्मनी के मेरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट पी-8 भी फ्लीट रिव्यू का हिस्सा बनेंगे। फिलीपींस का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट मिगेल मालवार और यूएई नेवी का वॉरशिप अल अमारात फ्लीट रिव्यू में शामिल होंगे। फ्लाई-पास्ट के दौरान जर्मनी का लॉन्ग रेंज मेरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट पी-8 भी उड़ान भरेगा।

समय के साथ मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ भारतीय नौसेना की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। भारत ने अपने बंदरगाह मित्र देशों की नौसेनाओं के लिए साल 2001 में खोलने शुरू किए। पहला इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू साल 2001 में आयोजित किया गया था।

17 फ़रवरी 2001 को राष्ट्रपति के. आर. नारायणन ने आईएनएस सुकन्या से फ्लीट का निरीक्षण किया था। पहले आईएफ़आर में 20 देशों के 97 वॉरशिप शामिल हुए थे, जिनमें 73 भारतीय और 24 विदेशी वॉरशिप थे।

आईएफ़आर का दूसरा संस्करण विशाखापत्तनम में साल 2016 में आयोजित किया गया था। बंगाल की खाड़ी में आयोजित इस आईएफ़आर में पहले से ज़्यादा देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया। कुल 50 देशों के तकरीबन 100 वॉरशिप पहुंचे थे। भारतीय समुद्री क्षेत्र में यह अब तक का सबसे बड़ा वॉरशिप जमावड़ा था। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आईएनएस सुमित्रा से फ्लीट का निरीक्षण किया था।

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