July 9, 2026
Himachal

वीबी-जी राम जी हिमाचल प्रदेश के हित में नहीं है, राज्य सरकार केंद्र से संपर्क करेगी: मुख्यमंत्री सुखु

VB-G Ram Ji is not in the interest of Himachal Pradesh, the state government will approach the Centre: Chief Minister Sukhu

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने बुधवार को कहा कि वीबी-जी राम जी योजना हिमाचल प्रदेश के हित में नहीं है और राज्य सरकार इस संबंध में केंद्र सरकार से संपर्क करेगी।

बुधवार को यहां विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने दोहराया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमएनआरईजीए) को बंद करना और वीबी-जी आरएएम जी योजना को लागू करना राज्य के हित में नहीं है। उन्होंने कहा, “एमएनआरईजीए के तहत केंद्र सरकार 100 प्रतिशत धनराशि प्रदान करती थी, जबकि नई योजना के तहत राज्य सरकार को 10 प्रतिशत व्यय वहन करना होगा। इससे राज्य के सीमित संसाधनों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।”

सुखु ने कहा कि राज्य सरकार राज्य भर में चल रहे पंचायत घरों के निर्माण को पूरा करने के लिए 30 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। उन्होंने ऊना में जिला पंचायत संसाधन केंद्र के निर्माण को पूरा करने के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।

ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की आजीविका को मजबूत करने के लिए उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि 310 एसएचजी को पहले ही 65.56 लाख रुपये की ऋण सहायता प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा, “एसएचजी उत्पादों के बेहतर विपणन के अवसर प्रदान करने के लिए शिमला में एक हिमाचल हाट का निर्माण चल रहा है, जबकि पंडोह और कुल्लू में भी शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं। धर्मशाला में भी इसी तरह का एक शोरूम पहले से ही कार्यरत है। एसएचजी को उनके उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए खाद्य सामग्री से चलने वाले वाहन उपलब्ध कराए गए हैं और भविष्य में ऐसे और वाहन वितरित किए जाएंगे।”

सुखु ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण हिमाचल प्रदेश के समग्र विकास में ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए इसे मजबूत करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया ताकि लाभार्थियों तक समय पर लाभ पहुंच सके।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, सचिव सी पॉलरासु, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज निदेशक राघव शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

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