दून विधानसभा क्षेत्र के गुरुमाजरा ग्राम पंचायत में आज पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के लिए मतदान हुआ, जहां प्रधान पद के लिए फर्जी मतदान के आरोप सामने आए।
ग्रामीणों ने न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए और आरोप लगाया कि कुछ ऐसे मतदाताओं की ओर से फर्जी वोट डाले गए जो वहां मौजूद नहीं थे।
“कुछ वोट प्रॉक्सी आधार पर डाले गए हैं और अगर जीत का अंतर कम रहा तो हम दोबारा मतदान की मांग करेंगे,” गांव की निवासी वंदना परमार ने आरोप लगाया।
उन्होंने आगे बताया कि “जयपाल नाम के एक असंतुष्ट मतदाता को मतदान अधिकारियों ने बताया कि जब वह मतदान करने आया तो उसका वोट पहले ही डाला जा चुका था। जब उसकी उंगली पर अमिट स्याही का निशान ही नहीं है तो उसका वोट कैसे डाला जा सकता है?” वंदना और अन्य ग्रामीणों ने उसकी खाली उंगली दिखाते हुए यह सवाल पूछा।
“चानल माजरा गांव के रहने वाले निखिल की ओर से भी एक वोट डाला गया, जो कनाडा में पढ़ाई कर रहा है। वहीं, दूसरे राज्य में पढ़ाई कर रही एक महिला की ओर से भी एक वोट डाला गया,” ग्रामीणों ने आरोप लगाया।
उन्होंने आगे कहा कि दोपहर 1 बजे मतदान अधिकारी को लिखित शिकायत देने के बावजूद, इसे कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं भेजा गया।
ग्रामीणों ने आगे आरोप लगाया कि इलाके में हरियाणा पंजीकरण संख्या वाले वाहन पाए गए और उनमें सवार लोग मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे जबकि पुलिस ने इस पर आंखें मूंद लीं।
सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि पीड़ित व्यक्तियों को प्रॉक्सी वोटिंग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह आरोपों की जांच करेंगे।

