N1Live Haryana कूड़े के ढेर से होने वाले प्रदूषण से ग्रामीण परेशान, सिरसा डीसी ने अधिकारियों से कार्रवाई करने को कहा
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कूड़े के ढेर से होने वाले प्रदूषण से ग्रामीण परेशान, सिरसा डीसी ने अधिकारियों से कार्रवाई करने को कहा

Villagers upset due to pollution caused by garbage heap, Sirsa DC asks officials to take action

सिरसा, 28 जून सिरसा के बकरियावाली गांव के लोगों की लंबे समय से डंपिंग साइट पर प्रदूषण और कचरे को लेकर की जा रही शिकायतों पर आखिरकार जिला प्रशासन ने गुरुवार को कार्रवाई की। डिप्टी कमिश्नर आरके सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने पुलिस कर्मियों के साथ गांव का दौरा किया।

दौरे के दौरान डीसी ने डंपिंग साइट की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को बकरियावाली के लिए प्रस्तावित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना को तेजी से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने और ग्रामीणों को और अधिक असुविधा से बचाने के लिए एजेंसियों और विभागों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

बकरियावाली स्थित डंपिंग प्लांट पर डीसी आरके सिंह व अन्य अधिकारी। गांव के निवासी सुभाष कड़वासरा ने खेती पर पड़ने वाले प्रदूषण और लगातार दुर्गंध के कारण होने वाली परेशानियों के बारे में चिंता जताई थी। पर्यावरण सलाहकारों ने आश्वासन दिया कि डंपिंग क्षेत्र के चारों ओर दीवारें बनाने और उचित अपशिष्ट निपटान उपायों को लागू करने से स्थायी समाधान मिलेगा।

डीसी सिंह ने नगर निगम के अधिकारियों को डंपिंग साइट के आसपास रोजाना जांच करने तथा ग्रामीणों की चिंताओं का तुरंत समाधान करने के लिए हर्बल छिड़काव शुरू करने के निर्देश दिए।

कचरा निपटान कार्यों के बारे में नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मशीन की वर्तमान प्रसंस्करण क्षमता 500 टन तक कचरा निपटाने की है। डीसी ने उन्हें दक्षता से समझौता किए बिना कचरा निपटान में तेजी लाने के लिए इसकी क्षमता बढ़ाने का आदेश दिया।

उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रयासों में एनजीटी के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का भी निर्देश दिया तथा अपने कर्तव्यों की उपेक्षा करने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की चेतावनी दी।

गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की स्थापना सहित ग्रामीणों की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए डीसी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को शीघ्रता से व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

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