N1Live World बांग्लादेश की अलग-अलग यूनिवर्सिटी कैंपस में हिंसा भड़की, कई घायल
World

बांग्लादेश की अलग-अलग यूनिवर्सिटी कैंपस में हिंसा भड़की, कई घायल

Violence erupted on various university campuses in Bangladesh; many injured.

 

ढाका, बांग्लादेश के अलग-अलग यूनिवर्सिटी कैंपस में परस्पर विरोधी छात्र गुटों के बीच जमकर मार-पीट हुई। हिंसक वारदातों में कई छात्र घायल हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिसरों में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के छात्र संगठन जातियबादी छात्र दल (जेसीडी) और कट्टर इस्लामिक दल जमात-ए-इस्लामी की छात्र इकाई इस्लामी छात्र शिबिर (आईसीएस) के बीच हिंसक झड़प हुई। रंगपुर स्थित बेगम रुकैया यूनिवर्सिटी, जगन्नाथ यूनिवर्सिटी, ढाका कॉलेज और राजधानी स्थित सरकारी मदरसा-ए-आलिया में छात्र एक दूसरे से भिड़ गए।

द ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, हिंसा दोनों गुटों के वैचारिक मतभेद के कारण बढ़ी। दोनों में अपने रसूख और वर्चस्व को लेकर तनाव बढ़ा। 2024 के विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई करने वाले विश्वविद्यालय एक बार फिर सियासी संघर्ष का अखाड़ा बन गए हैं।

पुलिस के अनुसार, ढाका कॉलेज में भी छात्र दल और इस्लामी छात्र शिबिर के सदस्य मंगलवार को आपस में भिड़ गए। हिंसा की चपेट में आए कई छात्र घायल हो गए।

बांग्लादेशी दैनिक प्रोथोम आलो से बात करते हुए, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के रमना डिवीजन के डिप्टी कमिश्नर शेख जाहिदुल इस्लाम ने कहा कि यह झड़प ढाका कॉलेज परिसर में हुई।

उन्होंने कहा, “कई लोग घायल हुए हैं। कैंपस के अंदर पुलिस तैनात नहीं है। घटना की जानकारी मिलने के बाद हम मौके पर पहुंचे।”

पुलिस सूत्र का हवाला देते हुए, प्रोथोम आलो ने बताया कि ढाका कॉलेज में तनाव जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में पहले हुए टकराव के बाद बढ़ गया। छात्र दल के सदस्यों की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन (जेएनयूसीएसयू) और छात्र शक्ति पार्टी से भिड़ंत हुई। एक सेमिनार में प्रवेश न दिए जाने को लेकर सब आपस में उलझे। दरअसल, जुलाई 2024 के आंदोलन की दूसरी सालगिरह पर इसका आयोजन किया गया था।

बाद में नेशनल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल तक ये हिंसा फैल गई, यहां घायल छात्रों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

डॉक्टरों ने कहा कि मंगलवार शाम तक, 70 से ज्यादा घायलों का इलाज किया जा चुका था। घायलों में छात्र दल, इस्लामी छात्र शिबिर, छात्र शक्ति, यूनिवर्सिटी के सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन के नेता और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कई पत्रकार भी शामिल थे।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि पहली बड़ी झड़प सोमवार शाम को बेगम रुकैया यूनिवर्सिटी में हुई। यहां मामला जुलाई 2024 आंदोलन को दर्शाती एक प्रदर्शनी से जुड़ा था।

विश्वविद्यालय के मुताबिक, हिंसा तब शुरू हुई जब छात्र दल के सदस्यों ने ‘ज्यूडिशियल किलिंग’ टाइटल वाले बैनर पर एतराज किया, जिसमें 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान मानवता विरोधी अपराधों में दोषी ठहराए गए जमात-ए-इस्लामी और बीएनपी के छह नेताओं की तस्वीरें दिखाई गई थीं।

यह झगड़ा जल्द ही बढ़ गया, जिससे छात्र दल और इस्लामी छात्र शिबिर के बीच पांच घंटे तक रुक-रुक कर जवाबी कार्रवाई जारी रही।

द ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, गवाहों ने कहा कि दोनों ग्रुप के सदस्य धारदार हथियारों, हॉकी स्टिक, लोहे की रॉड, बांस के डंडे और हेलमेट से लैस थे, जबकि कैंपस के बाहर ट्रैफिक रुक गया था। यूनिवर्सिटी कैंपस में बढ़ते तनाव के बीच, बेगम रुकैया यूनिवर्सिटी और जगन्नाथ यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने मंगलवार रात को अलग-अलग जांच कमेटियों की घोषणा की, जबकि हिंसा को बढ़ने देने से रोकने के लिए ढाका के कई कैंपस में पुलिस तैनात रही।

 

Exit mobile version