उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लगभग पांच दशकों तक हिमाचल प्रदेश की राजनीति पर अपना दबदबा बनाए रखा और जनसेवा और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान अर्जित किया।
अग्निहोत्री बुशहर खेल, संस्कृति और पर्यावरण संघ द्वारा वीरभद्र सिंह के जन्मस्थान सराहन में आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे, जहां उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, सार्वजनिक विकास एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
वीरभद्र सिंह को दूरदर्शी नेता और आधुनिक हिमाचल प्रदेश का निर्माता बताते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य भर में सड़क संपर्क, बिजली, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने आगे कहा कि कई विधायकों, सांसदों और राजनीतिक नेताओं ने उनके नेतृत्व में राजनीति की बारीकियां सीखीं।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह और हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। रोहित ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह का “सर्वत्र हिमाचल, सर्वत्र विकास” का दृष्टिकोण कांग्रेस सरकार की विकास नीतियों का मार्गदर्शन करता रहा।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पूरा राज्य उनके पिता का कार्यक्षेत्र रहा है और उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार संतुलित विकास के उनके दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने रामपुर निर्वाचन क्षेत्र में चल रही सड़क परियोजनाओं पर भी प्रकाश डाला, जिनमें झाकरी के पास ब्रोनी खड्ड पर बन रहा 127 करोड़ रुपये का पुल भी शामिल है।

