N1Live National हाफिज सईद के खिलाफ वारंट अच्छा कदम, पर पाकिस्तान सौंपेगा नहीं: पूर्व डिप्टी सीएम निर्मल सिंह
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हाफिज सईद के खिलाफ वारंट अच्छा कदम, पर पाकिस्तान सौंपेगा नहीं: पूर्व डिप्टी सीएम निर्मल सिंह

Warrant against Hafiz Saeed is a good move, but Pakistan won't hand him over: Former Deputy CM Nirmal Singh

जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी नेटवर्क, हाफिज सईद के खिलाफ जारी नए गैर-जमानती वारंट, डोडा में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी के अवशेष और हथियार बरामद होने और कश्मीरी पंडितों को मिली धमकियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत अपनी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान से सहयोग की उम्मीद कम है।

हाफिज सईद के खिलाफ नए गैर-जमानती वारंट पर डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि भारत ने कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी तरफ से कार्रवाई पूरी की है, लेकिन पाकिस्तान आतंकवादी को भारत के हवाले करने में सहयोग नहीं करेगा। पाकिस्तान ने हाफिज सईद को संरक्षण दे रखा है और वह उसके खिलाफ भारत की कार्रवाई में सहयोग करने की स्थिति में नहीं आएगा। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुका है और इसी कारण वह दबाव में है।

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। हाफिज सईद उस कार्रवाई में बच गया, लेकिन भारत की सुरक्षा एजेंसियां लगातार आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। हाफिज सईद के खिलाफ वारंट जारी करना एक अच्छा कदम है, लेकिन इसका व्यावहारिक परिणाम तभी सामने आएगा जब पाकिस्तान उसे भारत को सौंपे। मौजूदा परिस्थितियों में इसकी संभावना कम दिखाई देती है।

डोडा में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक आतंकवादी के अवशेष और नाइट-विजन से लैस एम4 राइफल बरामद किए जाने पर भी पूर्व उपमुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में कश्मीर के स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती में कमी आई है। इसी वजह से पाकिस्तान को अपने प्रशिक्षित आतंकवादियों को जम्मू-कश्मीर भेजने की कोशिश करनी पड़ रही है। पाकिस्तान की कोशिश यह संदेश देने की है कि आतंकी गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं, लेकिन सुरक्षा बल लगातार ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। जो भी आतंकी सिर उठाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं।

निर्मल सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं। जंगलों और दूरदराज के इलाकों में छिपे आतंकियों की तलाश कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने ओवरग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने वाले तंत्र पर भी नजर रख रही हैं। इन कार्रवाइयों से पता चलता है कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नियंत्रण बनाए हुए हैं।

कश्मीरी पंडितों को दोबारा धमकी भरे पत्र मिलने के सवाल पर पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही हैं और इनके बाद सतर्कता बढ़ाई गई है। इस तरह की धमकियां आतंकियों की हताशा का संकेत हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने साथ ही कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के कारण आतंकियों के लिए बड़े स्तर पर गतिविधियों को अंजाम देना आसान नहीं होगा।

उन्होंने आगे कहा कि डोडा में हुई कार्रवाई और कश्मीर में पहले की गई कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की तलाश कर रही हैं और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई जारी है। कश्मीरी पंडितों को मिली विशिष्ट धमकियों से निपटने के लिए भी सरकार आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में है।

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