उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम प्रगति पोर्टल के माध्यम में राज्य में चल रही 12 बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि अगर उसमें किसी भी प्रकार की विसंगति पाई जाए, तो तत्काल दूर करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मैं खुद इन परियोजनाओं की समीक्षा करके यह सुनिश्चित करूंगा कि कहीं पर कोई दिक्कत नहीं हो। कई जिलों में हमारी परियोजनाएं संचालित हो रही हैं, जिसमें प्रमुख रूप से चमौली, पिथौरागढ़ सहित अन्य सीमांत जिलों की परियोजनाएं भी शामिल हैं। अन्य एजेंसियां भी तालमेल स्थापित करके परियोजनाओं को संचालित करने की कोशिश कर रही है, ताकि विकास की गति में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं हो।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि आंतरिक प्रक्रियाओं को संपन्न करने की दिशा में किसी भी प्रकार की विलंब नहीं हो। इस पर भी विस्तार से चर्चा हुई है। हमें यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि सभी परियोजनाओं को एक तय समय सीमा के तहत हर हाल में पूरा किया जाए, क्योंकि आमतौर पर समय बढ़ने से उन परियोजनाओं को पूरा करने में समय बढ़ जाता है, जिससे लागत बढ़ जाती है और इस वजह से सरकार पर आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। इन्हीं सब बिंदुओं पर आज विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें हमने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि सबकुछ नियमों के अनुरूप ही हो और इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाए।
साथ ही, उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में उत्तराखंड के मॉडल को प्रमुखता से स्थान मिला और इसकी सराहना की गई। मैं इसके लिए सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से धन्यवाद करना चाहूंगा, क्योंकि उनके नेतृत्व में ही हमने सबसे पहले सिलक्यारा टनल का रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया था। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सभी संस्थाओं ने अपनी तरफ से पूरा सहयोग दिया, जिसमें आम नागरिक से लेकर प्रशासन के अधिकारी शामिल रहे हैं। मैं उन सभी लोगों का दिल से धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस अभियान को पूरा करने की दिशा में लगातार 17 दिनों तक रात दिन काम किया। जिन लोगों ने भी इस अभियान को सफल बनाने की दिशा में अपनी तरफ से योगदान दिया, वे सभी लोग बधाई के पात्र हैं।
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