पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में शुक्रवार सुबह एक जंगल से 12 साल की बच्ची का आंशिक रूप से सड़ा-गला शव बरामद किया गया। बच्ची दो दिनों से लापता थी। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। जिस हालत में शव मिला, उससे यौन उत्पीड़न और हत्या की आशंका पैदा हो गई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अपराध की असल प्रकृति का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगा।
पीड़िता के परिवार वालों के मुताबिक, 3 नवंबर की दोपहर को लड़की साइकिल चलाने के लिए बाहर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार वालों ने उसे कई जगहों पर ढूंढा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद, उसी दिन उन्होंने रायगंज पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने लापता नाबालिग लड़की की तलाश शुरू कर दी।
शुक्रवार सुबह खबर मिली कि इलाके के एक जंगल में एक नाबालिग का शव मिला है। परिवार वाले तुरंत मौके पर पहुंचे और शव की पहचान लापता लड़की के रूप में की। शव काफी हद तक सड़ चुका था। पुलिस भी मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़िता के परिवार वालों को शक है कि हत्या से पहले उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया था।
लड़की की चाची ने मीडिया को बताया कि मैं मंगलवार सुबह काम पर गई थी। जब मैं घर लौटी, तो पता चला कि बच्ची लापता है। हमने उसे कई जगहों पर ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिली। अब शुक्रवार सुबह जंगल से उसका शव मिला है। रायगंज पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लड़की की मौत किन हालात में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
जांच अधिकारी ने कहा कि हमें भी शक है कि यह दुष्कर्म और हत्या का मामला हो सकता है, लेकिन अभी यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि यौन उत्पीड़न हुआ है या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हो जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि लड़की के लापता होने और शव मिलने के बीच क्या-क्या हुआ था।
पुलिस उस इलाके और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, जहां शव मिला था। जांच के हिस्से के तौर पर लड़की के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है। इस घटना के सिलसिले में अब तक किसी को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है।

