पश्चिम बंगाल की नदिया की जिला अदालत ने तृणमूल कांग्रेस सांसद और महासचिव अभिषेक बनर्जी और 29 अन्य लोगों के खिलाफ जमीन हड़पने के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। इन सभी पर नदिया के अलावा मुर्शिदाबाद में भी जमीन हड़पने के आरोप लगे हैं। इस मामले में कई लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें कालीगंज से टीएमसी विधायक अलीफ अहमद, बेलडांगा से टीएमसी के पूर्व विधायक हसनुज्जमान शेख और पूर्व की सरकारों में विधायक रहे कई लोग शामिल हैं।
बपन घोष जो कि मूल रूप से कालीगंज का रहने वाले हैं। उन्होंने कृष्णानगर जिला सेशन कोर्ट में 15 जुलाई को मामला दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2016 से कई सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा किया गया। इसके बाद उसे कालीगंज और नदिया जिले के बेनडांगा-2 ब्लॉक के अंतर्गत शक्तिपुर गांव में बेच दिया गया।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि अवैध रूप से जमीन को कब्जा करने की प्रक्रिया में इन दोनों इलाकों के पर्यावरण को क्षति पहुंची है। अवैध कब्जे के दौरान कई पेड़ों को काटा गया, जिससे एक तरफ जहां पर्यावरण को क्षति पहुंची, वहीं दूसरी तरफ सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।
घोष ने दावा किया कि उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस और वन विभाग से की। लेकिन, परिणाम नहीं निकला। इसके विपरीत, उन्हें टीएमसी के कार्यकर्ताओं की ओर से धमकी दी गई है।
पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद जब सत्ता परिवर्तन हुआ, तो उन्होंने इस मामले को लेकर नदिया जिले के सेशन कोर्ट में याचिका भी दाखिल की। गुरुवार को कोर्ट ने शिकायत के आधार पर पुलिस को जांच के आदेश दिए।
इस मामले पर टीएमसी से जुड़े कई लोगों का कहना है कि राजनीतिक बदले की भावना के तहत आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस की जांच के बाद मामले का सही खुलासा हो सकेगा।


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