March 13, 2026
National

डीए के भुगतान में देरी को लेकर पश्चिम बंगाल के कर्मचारी आज हड़ताल पर

West Bengal employees on strike today over delay in DA payment

13 मार्च । पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संग्रामी युवतो मंच (जॉइंट मूवमेंट फोरम) के संयुक्त संगठन के तहत एकजुट विभिन्न संघों ने शुक्रवार को पूरी हड़ताल शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य सरकार की ओर से महंगाई भत्ता (डीए) के भुगतान में कथित हिचकिचाहट और निष्क्रियता के प्रति अपना असंतोष व्यक्त करना है।

संग्रामी युवतो मंच (जॉइंट मूवमेंट फोरम) के अनुसार, राज्य सरकार ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की अनदेखी करने के पर्याप्त संकेत दिए हैं, जिसमें 2008 से 2019 तक के महंगाई भत्ता (डीए) बकाया का 25 प्रतिशत 31 मार्च तक भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।

इसके अलावा, शीर्ष अदालत द्वारा यह निर्देश दिया गया था कि कर्मचारियों को मिलने वाला डीए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान हो और 2008 से जमा हुए बकाया की किश्तों के साथ भुगतान किया जाए। साथ ही, इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए।

फोरम के संयोजक भास्कर घोष ने कहा, “लेकिन अब तक राज्य सरकार ने 2008 से 2019 तक के 25 प्रतिशत डीए बकाया का भुगतान करने के लिए कोई पहल नहीं की है।

इसके बजाय, राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से फिर समय मांगा है, ताकि इस वर्ष दिसंबर तक 25 प्रतिशत डीए बकाया का भुगतान किया जा सके। इसलिए हमने शुक्रवार पूरे हड़ताल का निर्णय लिया है।”

उन्होंने कहा कि सीधे राज्य सरकार के कर्मचारी ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्य-शासित और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक, नगर पालिका निगम, नगर पालिका और पंचायत निकायों सहित विभिन्न स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारी व विभिन्न राज्य सरकारी उपक्रमों के कर्मचारी भी हड़ताल में भाग लेंगे।

घोष ने कहा, “हड़ताल ऐतिहासिक होगी और पिछले डेढ़ दशक में ऐसा कभी नहीं देखा गया।”

हालांकि, राज्य सरकार इस हड़ताल को रोकने के लिए उत्सुक है। उसने पहले ही शुक्रवार को संबंधित कर्मचारियों की हाजिरी अनिवार्य करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

राज्य सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि किसी भी कर्मचारी को शुक्रवार को कैज़ुअल लीव या किसी अन्य प्रकार की छुट्टी नहीं दी जाएगी, चाहे वह पहली पाली, दूसरी पाली या पूरे दिन की छुट्टी हो।

हालांकि कुछ मामलों में छूट रहेगी, जैसे कि कर्मचारी का अस्पताल में भर्ती होना, परिवार में शोक, गंभीर बीमारी, शुक्रवार से पहले से चल रही अनुपस्थिति और जिन कर्मचारियों ने बाल देखभाल, मातृत्व, चिकित्सा या पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश लिया हो।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई अनुपस्थिति उपरोक्त कारणों में से किसी से कवर नहीं है और छुट्टी स्वीकृत नहीं हुई है, तो इसे ‘डाइस-नॉन’ माना जाएगा और उस दिन का वेतन नहीं मिलेगा।

“जो कर्मचारी शो-कारण नोटिस का जवाब नहीं देंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के तहत सभी कार्रवाई 31 मार्च तक पूरी होनी चाहिए।”

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