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पश्चिम बंगाल : टीएमसी चेयरमैन के खेत से मिले 2.24 करोड़ रुपये, अब तक 3.04 करोड़ की नकदी बरामद

West Bengal: Rs 2.24 crore recovered from TMC chairman's farm, Rs 3.04 crore in cash recovered so far

28 मई । पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुवार को उत्तर 24 परगना जिले की तृणमूल कांग्रेस नियंत्रित बदुरिया नगर पालिका के चेयरमैन दिपांकर भट्टाचार्य के खेत में जमीन खोदकर बरामद की गई नकदी के बारे में जानकारी दी है। पुलिस को वहां से चार ट्रॉली बैग और एक बोरा मिला था।

दिपांकर भट्टाचार्य को पिछले सोमवार एक होटल से भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ”ट्रॉली बैग और बोरे से बरामद नकदी को बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में कई बार गिना गया। आखिरकार कुल बरामद रकम 2.24 करोड़ रुपये निकली।”

गौरतलब है कि सोमवार को जब दिपांकर भट्टाचार्य को बदुरिया के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था, तब उसके पास से 80 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। यानी अब तक उनसे कुल 3.04 करोड़ रुपए नकद बरामद किए जा चुके हैं।

मंगलवार को दिपांकर भट्टाचार्य को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

मामले की जानकारी रखने वाले राज्य पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान भट्टाचार्य ने कबूल किया कि उनके खेत में और नकदी छिपाकर रखी गई है।

इसके बाद बुधवार दोपहर पुलिस उन्हें खेत पर लेकर गई। जमीन की खुदाई करने पर वहां से चार ट्रॉली बैग और एक बोरा मिला, जो पूरी तरह नकदी से भरे हुए थे।

पुलिस के अनुसार, भट्टाचार्य पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।

इससे पहले पुलिस ने बदुरिया में तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय कार्यालय और भट्टाचार्य के बागान वाले घर से करीब 4,000 सरकारी तिरपाल भी बरामद किए थे।

बदुरिया नगर पालिका चेयरमैन के खिलाफ पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। एक शिकायत सीपीआई(एम) और दूसरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से दी गई थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर दिपांकर को सोमवार रात गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 80 लाख रुपए नकद बरामद हुए।

अब यह सवाल उठ रहे हैं कि दिपांकर भट्टाचार्य के पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कैसे पहुंची।

उनके खिलाफ फिलहाल दो भ्रष्टाचार के आरोप हैं। पहला, ‘बांग्लार बाड़ी’ योजना के तहत घर आवंटन में कमीशन लेने का और दूसरा, बदुरिया के स्थानीय लोगों, खासकर व्यापारियों से कथित रूप से उगाही करने का।

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