N1Live Entertainment ’18 सीजन तक क्या कर रहे थे?’ जब अमिताभ बच्चन ने सनी देओल से पूछा सवाल, बोले-‘मैं शो से बहुत डरता था’
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’18 सीजन तक क्या कर रहे थे?’ जब अमिताभ बच्चन ने सनी देओल से पूछा सवाल, बोले-‘मैं शो से बहुत डरता था’

'What were you doing for 18 seasons?' When Amitabh Bachchan asked Sunny Deol this question, he replied, 'I was very afraid of the show.'

‘कौन बनेगा करोड़पति’ का 18वां सीजन शुरू होने वाला है, और इस बार शो में बॉलीवुड के दो बड़े सितारों की मौजूदगी खास होने वाली है। दरअसल, सनी देओल और आमिर खान अपनी आने वाली फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के लिए अमिताभ बच्चन के शो में पहुंचे।

इसी दौरान अमिताभ बच्चन और सनी देओल के बीच हुई एक मजेदार बातचीत का प्रोमो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। प्रोमो में अमिताभ ने सनी देओल से ऐसा सवाल पूछ लिया, जिस पर अभिनेता का जवाब भी काफी दिलचस्प था।

शो के प्रोमो में अमिताभ बच्चन सनी देओल से कहते नजर आ रहे हैं, “सनी, मैं आपसे कुछ पूछना चाहता हूं। यह 18वां सीजन है। आप इतने लंबे समय से क्या कर रहे थे? आप हमारे साथ क्यों नहीं आए?” अमिताभ का यह सवाल सुनकर सनी देओल मुस्कुराते हैं और जवाब देते हैं कि वह इस शो से काफी डरते थे। सनी कहते, “मैं शो से बहुत डरता था। मुझे सोचना पड़ता है।”

सनी देओल के इस जवाब पर आमिर खान मजाकिया अंदाज में कहते हैं, ”सर, मैं तो यहां 6-7 बार आ चुका हूं।” आमिर की बात सुनकर सनी देओल भी तुरंत जवाब देते हैं। वह कहते हैं, ”ये सोचता नहीं है, मैं सोचता हूं।” दोनों सितारों के बीच इस बातचीत को सुनकर अमिताभ बच्चन भी मुस्कुराते नजर आते हैं।

इस प्रोमो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन ने कैप्शन में लिखा, ”कंप्यूटर जी, इस मजेदार बातचीत और इस यादगार पल को लॉक करें!”

दरअसल, सनी देओल और आमिर खान ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के लिए ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मंच पर पहुंचे। यह फिल्म 1947 में भारत के विभाजन के दौर की कहानी पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म में सनी देओल मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, अली फजल और अभिमन्यु सिंह भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे।

फिल्म का ट्रेलर पहले ही रिलीज हो चुका है। ट्रेलर में कहानी एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी बंटवारे के दौरान होने वाली हिंसा, डर और जबरन पलायन से पूरी तरह बदल जाती है। ऐसे समय में परिवार के सामने अपने रिश्तों और जिंदगी को बचाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है।

‘बंटवारा 1947’ इसलिए भी खास है क्योंकि यह प्रीति जिंटा की करीब आठ साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी है। फिल्म को मशहूर लेखक असगर वजाहत के चर्चित नाटक ‘जिस लाहौर नइ वेख्या, ओ जम्या ई नइ’ का सिनेमाई रूपांतरण बताया जा रहा है।

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