पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की रैली को लेकर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने जिंदगीभर ऐसा दिखावा किया है। अभी उनके साथ कोई नहीं है। टीएमसी के लोग भी उन्हें अपना नेता नहीं मानते।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रैली के लिए अनुमति मिलने पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “उन्हें अनुमति मिल सकती है, लेकिन अकेले चलकर वह क्या करेंगी? उनके साथ कोई नहीं है। यहां तक कि उनकी अपनी पार्टी के लोग भी उन्हें अपना नेता नहीं मानते। ऐसा दिखावा उन्होंने जिंदगी भर किया है।”
अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट से समन पर दिलीप घोष ने कहा, “अभिषेक बनर्जी को पहले भी बुलाया गया था। अब उन्हें जाना चाहिए और जांच में मदद करनी चाहिए। शिकायत किसी के भी खिलाफ हो सकती है, अगर वे दोषी नहीं हैं तो कोई कुछ नहीं कर सकता है।”
हावड़ा नगर निगम चुनाव की घोषणा पर दिलीप घोष ने कहा, “नगर निगमों में सात, आठ या नौ साल से चुनाव नहीं हुए हैं। जनप्रतिनिधि नहीं हैं, जनता को जो सेवाएं मिलना चाहिए वो नहीं मिलता है। प्रशासन ही इन निकायों को चला रहा है, कुछ जगह तो प्रशासन भी नहीं था। हमारी सरकार ने तय किया है कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुसार, प्रशासन को चुने हुए जन-प्रतिनिधियों को सौंपा जाए। यह प्रक्रिया अब शुरू हो गई है। ऐसी कई नगरपालिकाएं और नगर निगम हैं, जहां छह-आठ साल से चुनाव नहीं हुए हैं। उन जगहों पर जल्द ही चुनाव हो जाएंगे और यह वहां के लोगों के लिए अच्छा होगा।”
मुख्यमंत्री के बरुईपुर पीड़िता के परिवार से मुलाकात पर दिलीप घोष ने कहा, “मुख्यमंत्री पीड़ितों से मिलने गए। बताएं आजतक कौन मुख्यमंत्री ऐसी घटनाओं में मिलने के लिए पहुंचा। पिछली सरकारों में हमें भी मिलने से रोका जाता था।”
बरुईपुर की घटना की निंदा करते हुए उन्होंने कहा, “यह घटना सबके सामने हुई और इसके बाद की कार्रवाई भी पारदर्शी रही है। पिछले 50 सालों में किसी सरकार ने ऐसा काम नहीं किया है। 24 घंटे के अंदर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।”
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “हर कोई जाने के लिए आजाद है। वे कहते रहते हैं कि वे उस जगह का दौरा करेंगे- जरूर जाएं, कोई किसी को रोक नहीं रहा है। हम न तो किसी को जाने से रोक रहे हैं और न ही कुछ छिपा रहे हैं। जो लोग वहां जाने की इजाजत मांग रहे थे, वे पुलिस सुरक्षा में वहां जा चुके हैं। विपक्ष के नेता तस्वीरें ले रहे हैं और बयान दे रहे हैं। अगर कोई कानून हाथ में लेगा तो उसके भुगतना पड़ेगा।”

