9 अप्रैल । भारतीय फिल्म संगीत की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो अपनी अलग पहचान बनाते हैं, और उन्हीं में से एक हैं अमित त्रिवेदी। उनका संगीत न सिर्फ सुनने में अलग होता है, बल्कि दिल को छू जाने वाला भी होता है। उन्होंने अपने करियर में कई शानदार गाने दिए हैं, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं। हालांकि, उनकी सफलता का सबसे बड़ा मोड़ फिल्म ‘देव डी’ से जुड़ा रहा, जिसने उन्हें रातों-रात पहचान दिलाई।
अमित त्रिवेदी का जन्म 8 अप्रैल 1979 को मुंबई में एक गुजराती परिवार में हुआ था। उनका परिवार मूलरूप से गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला है। बचपन से ही उनका रुझान संगीत की ओर था। घर में भक्ति संगीत और लोक गीतों का माहौल था, जिसका असर उनपर भी पड़ा। स्कूल के दिनों में ही उन्हें म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स में दिलचस्पी होने लगी और धीरे-धीरे उन्होंने तय कर लिया कि वह आगे चलकर संगीत की दुनिया में ही अपना करियर बनाएंगे।
कॉलेज के दिनों में अमित त्रिवेदी ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर ‘ओम’ नाम का एक म्यूजिक बैंड बनाया। इस बैंड के जरिए वह छोटे-छोटे शो करने लगे। इसी दौरान उन्होंने कई लाइव परफॉर्मेंस भी दिए। शुरुआत में उन्हें ज्यादा पहचान नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वह लगातार मेहनत करते रहे और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश करते रहे।
फिल्मों में आने से पहले अमित ने थिएटर, टीवी शो और विज्ञापनों के लिए म्यूजिक तैयार किया। उन्होंने कई कंपनियों के लिए जिंगल्स भी बनाए। यह समय उनके लिए सीखने का दौर था, जहां उन्होंने म्यूजिक की बारीकियों को समझा और खुद को बेहतर बनाया। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें पहली बार फिल्म में काम करने का मौका मिला।
साल 2008 में उन्होंने फिल्म ‘आमिर’ के जरिए बॉलीवुड में बतौर म्यूजिक कंपोजर शुरुआत की। इस फिल्म के गानों और बैकग्राउंड म्यूजिक को काफी सराहा गया। इसके बाद उनकी मुलाकात निर्देशक अनुराग कश्यप से हुई, जिन्होंने उन्हें फिल्म ‘देव डी’ में मौका दिया। यही वह फिल्म थी जिसने अमित त्रिवेदी की जिंदगी बदल दी।
‘देव डी’ का म्यूजिक उस समय बिल्कुल अलग था। इसमें नए तरह के साउंड और स्टाइल का इस्तेमाल किया गया था, जो लोगों को काफी पसंद आया। ‘इमोशनल अत्याचार’, ‘नयन तरसे’, और ‘परदेसी’ जैसे गाने बेहद हिट हुए। इस फिल्म के बाद अमित त्रिवेदी को इंडस्ट्री में एक अलग और खास पहचान मिल गई। उनके काम को इतना सराहा गया कि उन्हें नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
इसके बाद अमित त्रिवेदी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में म्यूजिक दिया, जिनमें ‘उड़ान’, ‘क्वीन’, ‘लुटेरा’, ‘इश्कजादे’ और ‘उड़ता पंजाब’ जैसी फिल्में शामिल हैं। हर फिल्म में उन्होंने कुछ नया करने की कोशिश की और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
अपने शानदार काम के लिए अमित त्रिवेदी को कई बड़े अवॉर्ड भी मिले हैं। उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड के साथ-साथ फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिल चुके हैं।
हालांकि, उनके करियर में कुछ मुश्किलें भी आईं। फिल्म ‘लुटेरा’ के म्यूजिक को लेकर उन पर कॉपी करने के आरोप लगे, जिससे वह काफी परेशान हुए, लेकिन उन्होंने इन चुनौतियों का सामना किया और अपने काम पर ध्यान दिया। यही वजह है कि वह आज भी इंडस्ट्री में मजबूती से खड़े हैं।

