April 11, 2026
Entertainment

जब आवाज से प्रभावित होकर शिल्पा राव को मुंबई ले आए हरिहरन, ऐसे शुरू हुआ गायकी का सफर

When Hariharan brought Shilpa Rao to Mumbai, impressed by her voice, this is how her singing journey began.

कहते हैं कि असली टैलेंट को पहचानने वाला कोई न कोई जरूर मिल जाता है और जब ऐसा होता है तो जिंदगी की दिशा ही बदल जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ बॉलीवुड की मशहूर सिंगर शिल्पा राव के साथ। आज उनकी आवाज करोड़ों लोगों के दिलों में बसती है लेकिन उनके सफर में एक ऐसा मोड़ भी आया जब उनकी प्रतिभा को देखकर दिग्गज गायक हरिहरन इतने प्रभावित हुए कि उन्हें अपने साथ मुंबई तक ले आए। यह घटना उनकी जिंदगी का बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी, जिसने उन्हें एक नए रास्ते पर आगे बढ़ा दिया।

11 अप्रैल 1984 को जमशेदपुर में जन्मीं शिल्पा राव का असली नाम अपेक्षा राव था। वह एक तेलुगू भाषी परिवार से आती हैं। बचपन से ही उनके घर में संगीत का माहौल था और उनके पिता एस. वेंकट राव ने उन्हें शुरुआती संगीत की शिक्षा दी। छोटी उम्र से ही शिल्पा को गाने का शौक था और वह स्कूल में भी गायक मंडली का हिस्सा थीं। उन्होंने गजल गायकी की ट्रेनिंग भी ली।

शिल्पा के जीवन में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब उनकी मुलाकात हरिहरन से हुई। उस समय वह बहुत छोटी थीं लेकिन उनकी आवाज में एक अलग ही जादू था। हरिहरन ने उनकी प्रतिभा को तुरंत पहचान लिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इतना ही नहीं, वह शिल्पा को अपने साथ मुंबई भी ले आए ताकि वह बड़े स्तर पर अपनी कला को निखार सकें। यही वह पल था, जब शिल्पा ने तय कर लिया कि उन्हें सिंगिंग को ही अपना करियर बनाना है।

मुंबई आने के बाद शिल्पा के लिए रास्ता आसान नहीं था। उन्हें शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ा। उनकी आवाज बाकी सिंगर्स से अलग थी, जिसकी वजह से उन्हें जल्दी मौके नहीं मिल रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिंगल्स गाकर अपने करियर की शुरुआत की। करीब तीन साल तक उन्होंने विज्ञापनों के लिए गाने गाए और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनानी शुरू की।

साल 2007 में उन्हें पहला बड़ा मौका मिला, जब म्यूजिक डायरेक्टर मिथुन ने उन्हें फिल्म ‘अनवर’ में ‘तोसे नैना’ गाने का मौका दिया। यह गाना सुपरहिट हुआ और शिल्पा राव को इंडस्ट्री में पहचान मिल गई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार एक से बढ़कर एक गाने दिए। ‘खुदा जाने’, ‘मलंग’, ‘वो अजनबी’ और ‘मुड़ी मुड़ी’ जैसे गानों से उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली।

शिल्पा राव ने कई बड़े म्यूजिक डायरेक्टर्स के साथ काम किया लेकिन विशाल-शेखर के साथ उनकी जोड़ी खास तौर पर पसंद की जाती है। फिल्म ‘पठान’ का गाना ‘बेशरम रंग’ भी इसी जोड़ी ने कंपोज किया, जिसे शिल्पा ने अपनी आवाज दी। यह गाना काफी चर्चा में रहा और लोगों ने इसे खूब पसंद किया। अपने करियर में शिल्पा राव को कई अवॉर्ड्स और सम्मान भी मिले हैं। उनकी गायकी में एक अलग ही गहराई है, जो उन्हें बाकी सिंगर्स से अलग बनाती है। वह हिंदी के अलावा तमिल और तेलुगू फिल्मों में भी गा चुकी हैं।

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