N1Live National जब भी छात्र और युवा अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरेंगे, हम साथ खड़े रहेंगे: विजय वडेट्टीवार
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जब भी छात्र और युवा अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरेंगे, हम साथ खड़े रहेंगे: विजय वडेट्टीवार

Whenever students and the youth take to the streets for their rights, we will stand with them: Vijay Wadettiwar.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि राहुल गांधी ‘छात्र गूंज’ कार्यक्रम करेंगे। उन्होंने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सीजेपी के 5 सितंबर के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन सहित कई मामलों पर प्रतिक्रिया दी।

‘छात्र गूंज’ की जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, “अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है। राहुल गांधी नागपुर आने के लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन तारीख अभी तय नहीं हुई है। नागपुर में ‘छात्र गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और तारीख तय होने पर हम आपको सूचित करेंगे।”

सीजेपी के 5 सितंबर के विरोध-प्रदर्शन को लेकर विजय वडेट्टीवार ने कहा, “जब भी छात्र और युवा अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरेंगे या शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाएंगे, हम उनके साथ खड़े रहेंगे। छात्र और युवा देश का भविष्य हैं। उनके साथ जिस तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है और शिक्षा व्यवस्था में जिस तरह से भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, यह युवा पीढ़ी को बर्बाद करने वाला है। इसको लेकर जो लड़ेंगे, उसके साथ हम खड़े होंगे।

आरक्षण को लेकर राजनाथ सिंह के बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा, हम तो आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं लेकिन आरक्षण कौन बंद करना चाहता है, राजनाथ उसे बताएं। इनकी दोहरी भूमिका को हम भी देखेंगे।

आदिवासी छात्रों को लेकर राहुल गांधी की ओर से सीएम देवेंद्र फडणवीस को लिखे गए पत्र पर वडेट्टीवार ने कहा, “आदिवासी छात्रों को कई तरह की परेशानियां थीं, जिनके बारे में उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी को बताया था। राहुल गांधी ने उनकी चिंताओं को बहुत गंभीरता से लिया और इसलिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। छात्र कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और ऐसे नए नियम लागू किए जा रहे हैं, जिनका उन पर बुरा असर पड़ रहा है। यह सही नहीं है। सरकार की ओर से लाए गए गलत नीति के खिलाफ राहुल गांधी हैं।”

राहुल गांधी को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा, “वे मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखते रहते हैं। उनको न तो संविधान और न ही समाज की चिंता है। उनको जहां कुर्सी मिले, वहां भाग जाते हैं। हमको वे क्या बताएंगे।”

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