यमुनानगर पुलिस की सीआईए-आई टीम ने बुधवार को आजाद नगर निवासी वर्षा रानी और उसके दो बेटों हर्ष और मनप्रीत को एक डकैती के मामले के संबंध में जगाधरी की जिला अदालत में पेश किया। पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह ने बताया कि अदालत ने वर्षा रानी को न्यायिक हिरासत में और हर्ष और मनप्रीत को गुरुवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सीआईए टीम ने यमुनानगर के प्रोफेसर कॉलोनी में प्लाईवुड व्यापारी के घर पर हुई सशस्त्र डकैती में कथित संलिप्तता के आरोप में महिला और उसके दो बेटों को गिरफ्तार किया था।
सीआईए-I के प्रभारी राज कुमार ने बताया कि यह डकैती 31 जुलाई और 1 अगस्त की दरमियानी रात को हुई थी। उन्होंने बताया कि एक महिला दो अन्य व्यक्तियों के साथ प्लाईवुड व्यापारी भुवनेश बंसल के घर में घुस गई, चौकीदार को चाकू की नोक पर बंधक बना लिया और 3 लाख रुपये नकद और एक चांदी का सिक्का लेकर फरार हो गई।
उन्होंने आगे बताया कि घटना के बाद, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने जिला पुलिस को आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया। मामले की जांच के लिए कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एएसआई मनीष और सुखदेव, हेड कांस्टेबल अमरजीत सिंह और कुलदीप सिंह, कांस्टेबल मनीष और महिला कांस्टेबल राजबाला शामिल थे।
सूचना मिलने पर टीम ने मुख्य आरोपी वर्षा रानी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को चोरी हुए चांदी के सिक्के और 50,000 रुपये नकद बरामद करने में मदद की। पुलिस ने बताया कि वर्षा ने यह भी खुलासा किया कि उसने अपने दो बेटों हर्ष और मनप्रीत की मदद से डकैती को अंजाम दिया था।

