मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ‘निंगोल चाकौबा-2026’ से पहले महिला रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए एक विशेष वित्तीय सहायता योजना शुरू करेगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक मदद देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन महिला विक्रेताओं ने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है, वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के विधायकों (एमएलए) के माध्यम से पंजीकरण करा सकती हैं।
बिश्नुपुर जिले के मोइरांग स्थित आईएनए शहीद स्मारक परिसर में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक माह का अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनसेवा और सुशासन की भावना को आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 से जारी जातीय हिंसा का राज्य की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। हिंसा के कारण राज्य को जीएसटी राजस्व में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि बार-बार होने वाले बंद और नाकेबंदी से राज्य सरकार को प्रतिदिन लगभग 25 से 30 करोड़ रुपये के कर राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि मतभेदों का समाधान संवाद के जरिए किया जाए और ऐसे आंदोलनों से बचा जाए, जो आम जनजीवन को प्रभावित करते हैं। खेमचंद सिंह ने कहा कि हाल ही में संपन्न मणिपुर विधानसभा के आठवें सत्र में चर्चा के बाद राज्य सरकार ने करीब 3,00,050 परिवारों को 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। इसके लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान भी कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के बाद विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास की खाई काफी हद तक कम हुई है और कई क्षेत्रों में लोग अब फिर से शांति और सौहार्द के साथ रह रहे हैं। उन्होंने राज्य की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए सभी समुदायों से मिलकर काम करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की सरकारी योजनाओं के लाभ पात्र लोगों को वितरित किए और 25 से अधिक सेवा काउंटरों एवं स्टॉलों का निरीक्षण कर लाभार्थियों से बातचीत भी की।

