सलियाना स्थित रामानन्द गोपाल रोटरी हॉस्टल के बच्चों के लिए आयोजित 10 दिवसीय कला और शिल्प प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन शुक्रवार को एंड्रेटा स्थित शोभा सिंह आर्ट गैलरी में हुआ। इस कार्यशाला में कक्षा तीन से बारहवीं तक के सत्रह विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्हें मास्टर ट्रेनर कमलजीत कौर के मार्गदर्शन में कला और शिल्प की विभिन्न गतिविधियों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त हुआ।
प्रतिभागियों के उत्साह और समर्पण की सराहना करते हुए कमलजीत ने कहा कि बच्चों ने रचनात्मक कौशल सीखकर और सार्थक एवं उपयोगी गतिविधियों में भाग लेकर मानसून की छुट्टियों का भरपूर लाभ उठाया है। बच्चों ने सजावटी राखियां, क्रोशिया उत्पाद, हेयर स्क्रंची, हस्तनिर्मित फूल, ग्रीटिंग कार्ड और कई अन्य हस्तशिल्प वस्तुएं बनाईं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य रचनात्मकता को बढ़ाना, सूक्ष्म मोटर कौशल में सुधार करना और व्यावहारिक शिक्षा एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आत्म-अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना था।
कमलजीत कौर ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं बच्चों को धैर्य, कल्पनाशीलता और आत्मविश्वास विकसित करते हुए उनकी रचनात्मक क्षमता को पहचानने में मदद करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि कला और शिल्प से प्रारंभिक परिचय नवाचार, रचनात्मक सोच और जीवन भर की रचनात्मक क्षमताओं को पोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह कार्यशाला सोभा सिंह आर्ट गैलरी द्वारा इस वर्ष आसपास के क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों के स्कूली बच्चों के लिए आयोजित तीसरा निःशुल्क कला और शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम था। इस पहल का उद्देश्य युवा शिक्षार्थियों में रचनात्मकता को बढ़ावा देना और उन्हें स्कूल की छुट्टियों के दौरान विभिन्न कला और शिल्प रूपों को सीखने और अभ्यास करने के अवसर प्रदान करना है।

