February 13, 2026
National

विश्व रेडियो दिवस : हजारीबाग के उद्घोषक बोले- आज भी लोगों के दिलों में बसता है रेडियो, पीएम मोदी ने दी नई ऊर्जा

World Radio Day: Hazaribagh announcer says radio still lives in people’s hearts, PM Modi gives new energy

13 फरवरी । हर साल 13 फरवरी को विश्व भर में यूनेस्‍को की पहल पर विश्व रेडियो दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व रेडियो दिवस की थीम “रेडियो और कृत्रिम बुद्धिमत्ता” रखी गई है, जो पारंपरिक संचार माध्यम और आधुनिक तकनीक के समन्वय को रेखांकित करती है।

सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का सशक्त माध्यम रहा रेडियो आज भी लोगों की जिंदगी की एक सुरीली धड़कन बना हुआ है। बदलते दौर में जहां संचार के कई आधुनिक साधन आए हैं, वहीं रेडियो ने समय के साथ खुद को ढालते हुए अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है।

आकाशवाणी हजारीबाग के उद्घोषकों ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से रेडियो को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान दी है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों ने भी रेडियो को युवाओं से जोड़ा है।

आकाशवाणी हजारीबाग के वरीय उद्घोषक राजीव कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सूचना के क्षेत्र में शुरुआत से लेकर अब तक कई माध्यम विकसित हुए हैं। पहले संदेश पहुंचाने के लिए कबूतरों का सहारा लिया जाता था। इसके बाद पत्र, डाकघर और समाचार पत्रों का दौर आया। रेडियो एक बेहद सशक्त माध्यम है, जो शिक्षा, सूचना और मनोरंजन का संतुलित संयोजन प्रस्तुत करता है। रेडियो की प्रासंगिकता पहले भी थी और आज के डिजिटल युग में भी बनी हुई है। हालांकि, भविष्य में यह कब तक इसी तरह प्रभावी रहेगा, यह कहना कठिन है, लेकिन वर्तमान में इसकी उपयोगिता स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।

हजारीबाग के उद्घोषक प्रकाश राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम ने रेडियो को एक बार फिर हर घर तक पहुंचा दिया है। उनके अनुसार, रेडियो का प्रचलन लगातार बढ़ रहा है और समय-समय पर विभिन्न समसामयिक विषयों पर प्रधानमंत्री द्वारा रेडियो के माध्यम से की जाने वाली चर्चाओं ने श्रोताओं के साथ एक सीधा संवाद स्थापित किया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने रेडियो को नई ऊर्जा प्रदान की है।

आकाशवाणी हजारीबाग की उद्घोषक अलका कुमार ने भी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि आकाशवाणी में समय के साथ व्यापक बदलाव आया है। पहले एक रेडियो सेट विशेष स्थान पर रखा जाता था और लोग वहीं इकट्ठा होकर कार्यक्रम सुनते थे, लेकिन अब हर हाथ में मोबाइल फोन होने से रेडियो लोगों की सीधी पहुंच में आ गया है। उन्होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री मोदी ‘मन की बात’ के जरिए आकाशवाणी से जुड़े हैं, तब से लोगों का जुड़ाव और बढ़ा है। खेल प्रतियोगिताओं के लाइव प्रसारण और विशेष कार्यक्रमों के कारण भी श्रोताओं की संख्या में वृद्धि हुई है।

अलका कुमार के अनुसार, ”’मन की बात’ ने लोगों के मन में रेडियो के प्रति एक विशेष स्थान बना दिया है और अनेक लोग इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर इसके प्रसारण का बेसब्री से इंतजार करते हैं।”

Leave feedback about this

  • Service