यमुनानगर-जगधरी नगर निगम (एमसीवाईजे) ने अपनी जमीन और संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त करने का फैसला किया है। नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद ने नगर निगम के अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली भूमि और संपत्तियों का सीमांकन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, “मैंने सहायक नगर योजनाकार (भूमि) और पटवारियों को निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी भूमि और संपत्तियों का सीमांकन सुनिश्चित करने और संबंधित स्थल योजनाओं और अभिलेखों के साथ एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।”
उन्होंने आगे कहा कि नगर निगम की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसकी सुरक्षा करना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रसाद ने कहा, “यदि सीमांकन और निरीक्षण के दौरान किसी भी नगरपालिका भूमि पर अनाधिकृत कब्जा या अतिक्रमण पाया जाता है, तो इसकी तुरंत पहचान की जाएगी और कानून के अनुसार इसे हटाने के लिए कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “नगरपालिका की जमीन पर अवैध कब्जे के किसी भी मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सीमांकन में लापरवाही, अपर्याप्त जांच या समय पर कार्रवाई न होने के कारण नगरपालिका की भूमि पर अनाधिकृत कब्जा पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मामलों में लागू सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
नगर आयुक्त ने कहा कि निगम की भूमि का सटीक रिकॉर्ड रखने के साथ-साथ मौके पर उसकी स्थिति का सत्यापन करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा, “निगम की संपत्तियों की स्थिति का आकलन सीमांकन रिपोर्ट, स्थल योजना और संबंधित अभिलेखों के आधार पर किया जाएगा। इससे निगम की भूमि की सुरक्षा मजबूत होगी और भविष्य में अतिक्रमणों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगेगा।”
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रियाओं को गंभीरता से लेने और बिना किसी लापरवाही के उन्हें पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने आगे कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से और अनिवार्य रूप से पालन करने के लिए कहा गया है।

