January 13, 2026
Entertainment

यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीजर विवादों में, सीबीएफसी से की गई कानूनी शिकायत

Yash’s film ‘Toxic’ teaser sparks controversy, legal complaint filed with CBFC

कन्नड़ सिनेमा के सुपरस्टार यश की अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ अपने टीजर रिलीज के बाद से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। जहां एक ओर यश के फैंस इस फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह में हैं, वहीं दूसरी ओर फिल्म का टीजर अब गंभीर विवादों में फंसता नजर आ रहा है। हाल ही में फिल्म के टीजर के खिलाफ एक कानूनी शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें टीजर पर अश्लीलता फैलाने, सामाजिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने और नाबालिगों पर गलत असर डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस शिकायत के बाद फिल्म और उसके मेकर्स की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं।

दरअसल, यश ने 9 जनवरी को अपने जन्मदिन के मौके पर फैंस को तोहफे के तौर पर फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीजर रिलीज किया था। टीजर सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और कुछ ही घंटों में इसे लाखों बार देखा गया। हालांकि, टीजर में दिखाए गए एक बोल्ड और इंटीमेट सीन को लेकर विवाद शुरू हो गया। इस सीन में अभिनेत्री साशा ग्रे नजर आती हैं, जिसे लेकर कई संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई है।

अब इस मामले में कनकपुरा तालुक (रामनगर जिला) के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने फिल्म ‘टॉक्सिक’ के टीजर के खिलाफ सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) में एक औपचारिक कानूनी शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत सीधे सीबीएफसी के चेयरमैन प्रसून जोशी को संबोधित की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि फिल्म के टीजर में ऐसे सीन्स शामिल हैं जो बेहद अश्लील, यौन रूप से उत्तेजक और नैतिक रूप से आपत्तिजनक हैं।

शिकायत में कहा गया है कि ‘टॉक्सिक’ का टीजर बिना किसी उम्र सीमा या चेतावनी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खुलेआम प्रसारित किया जा रहा है। इससे बच्चे, किशोर और युवा वर्ग आसानी से इस कंटेंट तक पहुंच बना रहे हैं, जो उनके मानसिक और नैतिक विकास के लिए नुकसानदेह हो सकता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह का कंटेंट भारतीय समाज के सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के खिलाफ है और इसे सार्वजनिक रूप से दिखाया जाना कानूनन गलत है।

शिकायतकर्ता ने कहा है कि भले ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, लेकिन यह अधिकार असीमित नहीं है। सार्वजनिक शालीनता, नैतिकता और सामाजिक व्यवस्था के हित में इस पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि अश्लील और यौन रूप से स्पष्ट कंटेंट को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत संरक्षण नहीं दिया जा सकता।

इसके अलावा, शिकायत में सिनेमेटोग्राफ एक्ट, 1952, सीबीएफसी के नियमों और सर्टिफिकेशन गाइडलाइंस का भी जिक्र किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सिर्फ फिल्म ही नहीं, बल्कि उसके टीजर और प्रमोशनल मटेरियल भी सीबीएफसी के नियमों के दायरे में आते हैं। ऐसे में टीजर में इस तरह के सीन दिखाना नियमों का सीधा उल्लंघन है। अगर सीबीएफसी इस मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा।

शिकायतकर्ता ने सीबीएफसी से मांग की है कि फिल्म ‘टॉक्सिक’ के टीजर की तत्काल समीक्षा की जाए और उसमें शामिल सभी आपत्तिजनक और अश्लील सीन्स को हटाने का निर्देश दिया जाए। इसके साथ ही टीजर के सार्वजनिक प्रदर्शन और ऑनलाइन सर्कुलेशन पर अस्थायी रोक लगाने की भी मांग की गई है। इतना ही नहीं, शिकायत में फिल्म के निर्देशक, निर्माता और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की भी अपील की गई है।

वहीं कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने इस मामले में टीजर में सीबीएफसी से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने इस मामले में औपचारिक रूप से पत्र लिखकर यह जानना चाहा है कि टीजर में दिखाए गए कंटेंट की जांच नियमों के तहत की गई है या नहीं और इस पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। यह कदम आम आदमी पार्टी की कर्नाटक स्टेट सेक्रेटरी उषा मोहन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद उठाया गया है।

महिला आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सीबीएफसी से कहा है कि वह नियमों के अनुसार टीजर की जांच करे और इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

फिल्म की बात करें तो ‘टॉक्सिक’ यश की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। यह फिल्म 19 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा और हुमा कुरैशी जैसी बड़ी अभिनेत्रियां नजर आएंगी।

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