जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुई 21 साल की युवती की सेहत में संतोषजनक सुधार हुआ है। उसे गुरुवार को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल ने कहा कि उसकी स्थिर हालत और सेहत में सुधार को देखते हुए उसे छुट्टी देने का फैसला किया गया।
विरोध प्रदर्शन में शामिल युवती को संसद मार्च के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति में दम घुटने के कारण बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। शुरुआत में उसकी हालत ऐसी थी कि उसे कई दिनों तक गहन देखभाल (आईसीयू) और वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ी। हालांकि, धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार हुआ और अस्पताल में भर्ती होने के लगभग दस दिन बाद उसे पूरी तरह होश आ गया और वह खुद से चलने-फिरने में सक्षम हो गई।
गुरुवार को जारी अपनी ताजा मेडिकल रिपोर्ट में आरएमएल अस्पताल ने कहा कि इलाज और रिहैबिलिटेशन के बाद व्यापक क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट से मरीज की सेहत में ‘संतोषजनक सुधार’ हुआ।
अस्पताल में भर्ती होने पर इमरजेंसी डिपार्टमेंट में उसे होश में लाने की कोशिश की गई और फिर इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में शिफ्ट किया गया, जहां उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। सेहत में लगातार सुधार के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट सफलतापूर्वक हटा लिया गया और आईसीयू में एक हफ्ता बिताने के बाद उसे आगे की रिकवरी और रिहैबिलिटेशन के लिए नर्सिंग होम वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।”
अस्पताल ने बताया कि गुरुवार को महिला के अस्पताल में भर्ती होने का 10वां दिन था और वह अब स्थिर हालत में है तथा ‘पूरी तरह होश में सतर्क, स्पष्ट रूप से बात करने में सक्षम है। आरएमएल अस्पताल ने यह भी कहा कि वह बिना किसी मदद के चल फिर सकती है और अपने रोजमर्रा के काम खुद करने की क्षमता हासिल कर चुकी है।
यह युवती उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थी जिन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। यह प्रदर्शन ‘संसद चलो’ के बैनर तले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित किया गया था। विरोध प्रदर्शन नीट पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग करने और छात्रों की चिंताओं पर कार्रवाई की मांग के लिए किया गया था।
बाद में यह प्रदर्शन हिंसक हो गया जब कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

