N1Live National वाईएसआरसीपी सांसद ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव में एसईसी की विफलता पर जांच की मांग की
National

वाईएसआरसीपी सांसद ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव में एसईसी की विफलता पर जांच की मांग की

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद डॉ. मडिला गुरुमूर्ति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर को पत्र लिखकर आंध्र प्रदेश में चल रहे नगरपालिका, मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (जेडटीपीसी) के चुनावों के दौरान राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) की ‘विफलताओं’ की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

तिरुपति के सांसद ने अपनी शिकायत में कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं। इनमें कथित हिंसा, डराना-धमकाना, विपक्षी उम्मीदवारों पर हमले, नामांकन पत्रों को नष्ट करना, पुलिस दखल और चुनाव अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने में विफलता शामिल है।

उन्होंने पुंगनूर, पुलिवेंदुला, कडप्पा, प्रोद्दतूर, मैदुकुर, बडवेल, रायचोटी, तिरुपति और अन्य जगहों पर हुई घटनाओं का जिक्र किया। इसके साथ राजमपेट के सांसद पी.वी. मिथुन रेड्डी पर हुए हमले, वाहनों को जलाने, विपक्षी नेताओं को नजरबंद करने और नामांकन दाखिल करने की कोशिश कर रहे उम्मीदवारों को रोकने की घटनाओं का भी उल्लेख किया।

गुरुमूर्ति ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को शिकायतों की जांच करने और सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया था। हालांकि, नामांकन की समय-सीमा केवल चार शहरी स्थानीय निकायों में ही बढ़ाई गई, जबकि कई अन्य प्रभावित नगर पालिकाओं को ऐसी कोई राहत नहीं मिली।

उन्होंने उन रिपोर्टों की ओर ध्यान दिलाया, जिनके अनुसार सात नगर पालिकाओं के 222 वार्डों में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का कोई नामांकन दाखिल नहीं हो सका, क्योंकि कथित तौर पर उम्मीदवारों को नामांकन भरने से रोका गया था। उन्होंने उन शिकायतों का भी जिक्र किया, जिनमें कहा गया है कि 1,345 एमपीटीसी और जेडपीटीसी उम्मीदवारों को नामांकन के दौरान बाधाओं का सामना करना पड़ा।

सांसद ने राष्ट्रपति और राज्यपाल से राज्य चुनाव आयोग के कामकाज की स्वतंत्र जांच कराने का आग्रह किया। इसमें शिकायतों पर आयोग की प्रतिक्रिया, पुलिस की तैनाती, नामांकन में अनियमितताएं और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन जैसे पहलू शामिल हैं। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, नामांकन रिकॉर्ड, पुलिस रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की। इसके साथ ही केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती, प्रभावित उम्मीदवारों को फिर से नामांकन का मौका देने और स्वतंत्र न्यायिक निगरानी की भी मांग की।

गुरुमूर्ति ने राष्ट्रपति और राज्यपाल से आग्रह किया कि यदि निष्पक्ष जांच में कदाचार या गंभीर चूक साबित होती है, तो राज्य चुनाव आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित संवैधानिक कार्रवाई की जाए।

Exit mobile version