हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) ने हिमकेयर योजना में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
महानिरीक्षक बिमल गुप्ता की अध्यक्षता वाली एसआईटी को इस मामले की गहन जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सबसे पहले यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि फर्जी विधेयकों के माध्यम से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
मुख्यमंत्री ने पुरुषों के नाम पर गर्भाशय निकालने की सर्जरी (हिस्टेरेक्टॉमी) के मामलों का हवाला देते हुए एक बड़े घोटाले को उजागर किया। इस कथित धोखाधड़ी का अनुमान लगभग 110 करोड़ रुपये है।

