पुलिस ने रविवार को बताया कि शिमला के संजौली इलाके में उत्तर प्रदेश के एक दर्जी पर कथित तौर पर हमला करने और उसकी दुकान में तोड़फोड़ करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दर्जी को एक नाबालिग लड़की के साथ दुर्व्यवहार के आरोपी व्यक्ति समझ लिया था।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि नाबालिग के मामले में आरोपी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और हमले की शिकार लड़की का इस घटना से कोई संबंध नहीं है।
उत्तर प्रदेश निवासी अजीम मिर्जा, जो इलाके में एक दर्जी की दुकान चलाते हैं, की शिकायत के आधार पर शनिवार को संजौली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई।
आरोपियों की पहचान शिमला जिले के देवघोड़ी गांव के निवासी मदन ठाकुर (43) और संजौली निवासी विजय शर्मा (47) के रूप में हुई है।
मिर्ज़ा की शिकायत के अनुसार, आरोपी एक महिला के साथ शनिवार को उनकी दुकान में घुसे और नाबालिग लड़की से जुड़े मामले के संबंध में उनसे पूछताछ की। आरोप है कि उन्होंने लड़की से उन्हें पहचानने को कहा, लेकिन जब वह उन्हें पहचान नहीं पाई, तो उन्होंने उन पर हमला कर दिया।
मिर्ज़ा ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनकी दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की वायरिंग को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें और उनके एक सहकर्मी को बाजार क्षेत्र में घुमाया गया, जहां उन पर हमला किया गया और उनके खिलाफ नारे लगाए गए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 333, 115(2), 351(2), 191(2), 190, 324(4), 196(1) और 304 के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
बाद में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव सिंह ने कहा कि नाबालिग के साथ दुर्व्यवहार के आरोपी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और मिर्जा और उसके सहयोगी का उस मामले से कोई संबंध नहीं है।


Leave feedback about this