June 22, 2026
National

2017 अभिनेत्री अपहरण मामला: दिलीप के बरी होने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची केरल सरकार

2017 actress abduction case: Kerala government moves High Court against Dileep’s acquittal.

2017 में केरल फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर देने वाले चर्चित अभिनेत्री अपहरण और हमला मामले में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दरअसल, केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस अपील को स्वीकार कर लिया है जिसमें अभिनेता दिलीप और तीन अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है।

इसके साथ ही केरल सरकार ने उन आरोपियों की सजा बढ़ाने की भी मांग की है, जिन्हें निचली अदालत ने दोषी ठहराया था।

जानकारी के अनुसार, यह अपील उस समय दायर की गई थी जब राज्य में पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में थी। अब केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस अपील पर विचार शुरू कर दिया है। न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति केवी जयकुमार की पीठ ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण शुरू हो गया है।

राज्य सरकार ने अभिनेता दिलीप समेत चार लोगों को बरी किए जाने पर आपत्ति जताई है। राज्य सरकार की अपील में आरोपी चार्ली थॉमस, सनील कुमार उर्फ मेस्थिरी सनील और आरोपी सरथ जी. नायर का भी नाम शामिल है।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इन लोगों ने अभिनेत्री के अपहरण और हमले की साजिश रचने में भूमिका निभाई थी। केरल हाईकोर्ट उन दोषी आरोपियों की अपील पर भी सुनवाई कर रही है, जिन्होंने अपनी सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी है।

सोमवार को जब मामला अदालत में आया, तब यह जानकारी दी गई कि वरिष्ठ अधिवक्ता वी. अजयकुमार को राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। बता दें कि उन्होंने निचली अदालत में भी इस मामले में राज्य सरकार का पक्ष रखा था।

सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट ने निचली अदालत के रिकॉर्ड मंगवाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि दोषी ठहराए गए आरोपियों द्वारा दायर सजा निलंबन याचिकाओं पर दो सप्ताह बाद सुनवाई की जाएगी। इन याचिकाओं में मुख्य आरोपी सुनील एन. एस. उर्फ पल्सर सुनी भी शामिल है।

गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में एर्नाकुलम की प्रधान जिला एवं सत्र अदालत ने इस मामले में छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई थी।

हालांकि, उसी फैसले में अभिनेता दिलीप को बरी कर दिया गया था। अभियोजन पक्ष ने उन्हें कथित साजिश का मास्टरमाइंड बताया था, लेकिन अदालत ने कहा था कि उनके खिलाफ साजिश के आरोप साबित नहीं हुए है, जिसके चलते उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।

यह मामला फरवरी 2017 की उस घटना से जुड़ा है, जिसमें एक जानी-मानी मलयालम अभिनेत्री को त्रिशूर से कोच्चि जाते समय कथित तौर पर किडनैप कर लिया गया था और चलती गाड़ी में उसके साथ मारपीट की गई थी। इस घटना ने पूरे केरल और फिल्म जगत को हिलाकर रख दिया था।

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