। मुंबई मेट्रो लाइन 7ए के निर्माण में एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने 2400 मिलीमीटर व्यास वाली अपर वैतरणा वॉटर लाइन को सफलतापूर्वक डायवर्ट कर दिया है। यह काम बहुत सावधानीपूर्वक योजना और सटीक इंजीनियरिंग से पूरा किया गया, ताकि मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण आगे बढ़ सके।
अपर वैतरणा वॉटर की मुख्य पाइपलाइन मुंबई शहर को पानी सप्लाई करने वाली महत्वपूर्ण लाइन है। मेट्रो लाइन 7ए (दहिसर से छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक) के रास्ते में आने के कारण इस पाइपलाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करना जरूरी था। एमएमआरडीए ने इस जटिल ऑपरेशन को तय समयसीमा के अंदर पूरा कर लिया और पानी की सप्लाई को शेड्यूल के अनुसार बहाल कर दिया। इस दौरान शहर में पानी की आपूर्ति पर कोई बड़ी रुकावट नहीं आई। हालांकि, कुछ इलाकों में अस्थायी रूप से लो प्रेशर या बदलाव जरूर हुए थे।
इस सफलता के लिए महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कई विभागों के साथ मिलकर काम किया। इनमें प्लानिंग डिवीजन, आउटसाइड सिटी (ट्रंक मेन्स), हाइड्रोलिक इंजीनियर का ऑफिस और के/ईस्ट वार्ड शामिल थे। सभी विभागों के बीच बेहतरीन तालमेल रहा, जिससे कोई अनावश्यक देरी या समस्या नहीं हुई। यह समन्वय मेट्रो प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने में बहुत मददगार साबित हुआ।
मेट्रो लाइन 7ए मुंबई के ट्रैफिक जाम को कम करने और एयरपोर्ट तक तेज कनेक्टिविटी देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। इस लाइन से दहिसर, पोईसर, आकुर्ली, और मागाठाणे जैसे इलाकों से एयरपोर्ट तक सीधी मेट्रो सेवा मिलेगी। पानी की पाइपलाइन डायवर्जन जैसे बड़े काम सफल होने से अब टनलिंग, स्टेशन निर्माण, और अन्य कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।
एमएमआरडीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा की है। यह कदम मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति को दर्शाता है और मुंबईवासियों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन की उम्मीद जगाता है। ऐसी जटिल इंजीनियरिंग चुनौतियों को बिना किसी बड़ी परेशानी के हल करना एमएमआरडीए की कुशलता को दिखाता है। अब प्रोजेक्ट के अन्य हिस्सों पर फोकस बढ़ेगा, ताकि लाइन जल्द से जल्द शुरू हो सके।

