आचार्य प्रमोद कृष्णम ने दक्षिण भारत के राज्यों में आगामी चुनावों के दौरान बदलाव का दावा किया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत की राजनीति करवट ले रही है। इस बार यहां भी धर्म की ध्वजा फहराएगी। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि पूरे उत्तर भारत में धर्म की ध्वजा फहराई गई है। अब दक्षिण भारत की बारी है।
इस दौरान आचार्य प्रमोद ने आरोप लगाया कि वामपंथी देश को बांटना चाहते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बयान की भी कड़ी आलोचना की।
आचार्य प्रमोद ने कहा, “केरल के मुख्यमंत्री का बयान देश के खिलाफ है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश के प्रति समर्पित संगठन है। संघ किसी पर हमला नहीं करता है। यह संगठन हिंसा और हमला दोनों से दूर है। संघ ने हमेशा हमलों को झेला है। उसके कभी हमले नहीं किए। आरएसएस को बदनाम किया गया। इसके खिलाफ साजिशें की गईं।”
उन्होंने कहा कि संघ भारत के प्रति संपूर्ण रूप से समर्पित संगठन है। केरल के मुख्यमंत्री संवैधानिक पद पर बैठे हैं। उन्हें राष्ट्र के प्रति समर्पित संगठन के खिलाफ गलत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
बता दें कि दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु और केरल में अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों राज्यों में सत्ता के लिए जोर लगा रही है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में मिली जीत के बाद भाजपा के हौसले और बुलंद हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दोनों राज्यों में भाजपा नीत एनडीए के चुनावी अभियान की शुरुआत की। भाजपा तमिलनाडु में मुख्य रूप से ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। एनडीए के अन्य घटक दलों में क्षेत्रीय पार्टियां, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके), तमिल मनीला कांग्रेस और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) शामिल हैं।
केरल में भाजपा का प्रमुख गठबंधन सहयोगी बीडीजेएस है। क्षेत्रीय पार्टी ट्वेंटी-20 भी एनडीए का हिस्सा बन चुकी है। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी), शिवसेना और कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) जैसे दल भी एनडीए का हिस्सा हैं।

