July 17, 2026
National

महाराष्ट्र में 2047 तक लगाए जाएंगे 300 करोड़ पेड़, डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने की अभियान में जुड़ने की अपील

300 crore trees to be planted in Maharashtra by 2047; Deputy CM Sunetra Pawar appeals for participation in the campaign.

17 जुलाई । महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने राज्य के लोगों से वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है और इसके लिए सरकार, सामाजिक संस्थाओं, उद्योगों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।

उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बारामती के कन्हेरी में अजीत दादा पवार पर्यटन उद्यान का उद्घाटन किया और ‘देवगिरी से देवराई’ अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2047 तक राज्य में 300 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसके शुरुआती चरण में इस वर्ष 18 करोड़ पौधे लगाने की योजना बनाई गई है।

सुनेत्रा पवार ने कहा कि महाराष्ट्र को हरा-भरा, समृद्ध और पर्यावरण के अनुकूल राज्य बनाने का सपना तभी पूरा हो सकता है, जब सभी लोग मिलकर प्रयास करेंगे। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, स्वयंसेवी संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों से सरकार के वृक्षारोपण अभियान से जुड़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि अजीत पवार पर्यावरण संरक्षण को लेकर हमेशा गंभीर रहे थे। उनके विचारों को जन अभियान में बदलने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि अजीतदादा पवार के नाम पर बनाया गया पर्यटन उद्यान पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति शिक्षा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि यह उद्यान केवल घूमने-फिरने की जगह नहीं होगा बल्कि बारामती के विकास और दूरदर्शी सोच का प्रतीक भी बनेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि कन्हेरी पर्यटन उद्यान के विकास के लिए कई वर्षों तक योजना और मेहनत की गई है। कन्हेरी के 55 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र के विकास के लिए अब तक 8.75 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यहां दो चरणों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। उद्यान में रास्ते, झूला पुल, सौर ऊर्जा पार्क, चट्टानी उद्यान और तितली उद्यान जैसी सुविधाएं तैयार की गई हैं।

सुनेत्रा पवार ने स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि पौधरोपण के दौरान स्थानीय प्रजातियों के पेड़ों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है।

उन्होंने ‘देवगिरी से देवराई’ अभियान को सफल बनाने के लिए वन मंत्री गणेश नाइक और वन विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सरकार की पहल नहीं है बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पहाड़ों, जंगलों और समुद्री क्षेत्रों तक समृद्ध प्राकृतिक संपदा मौजूद है। हालांकि, तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों के कारण पर्यावरण को खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में पेड़ों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि ‘देवगिरी से देवराई’ अभियान का उद्देश्य केवल पेड़ लगाना नहीं बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है।

इस कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य और अभिनेता सयाजी शिंदे सहित कई लोग मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री ने सयाजी शिंदे के पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रकृति बचाने के अभियान को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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