कई राज्यों में वैध बीमा के बिना वाहन चलाना बेरोकटोक जारी है, हरियाणा में 41.61 लाख से अधिक वाहन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर चल रहे हैं।
होशियारपुर के सांसद राज कुमार छब्बेवाल के एक प्रश्न के उत्तर में लोकसभा में ये आंकड़े साझा किए गए। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सदन को सूचित किया कि 4 फरवरी तक पंजाब में 56.54 लाख से अधिक वाहन वैध बीमा के बिना चल रहे थे।
आंकड़ों से यह भी पता चला कि दिल्ली में 30.95 लाख से अधिक और राजस्थान में 1.01 करोड़ से अधिक वाहन बीमा रहित थे। चंडीगढ़ में ऐसे वाहनों की संख्या 2.19 लाख से अधिक थी।
देश भर में 14.31 करोड़ वाहन वैध बीमा के बिना चल रहे थे, जिनमें से अधिकांश वाहन दोपहिया वाहन थे जिनका बीमा नहीं था।
राज्यों में, उत्तर प्रदेश 2.10 करोड़ बिना बीमा वाले वाहनों के साथ सूची में सबसे ऊपर रहा, उसके बाद महाराष्ट्र (1.60 करोड़) और तमिलनाडु (1.27 करोड़) का स्थान रहा। वहीं, लक्षद्वीप (12,154), सिक्किम (15,852) और लद्दाख (16,003) में सबसे कम संख्या दर्ज की गई।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत, वैध बीमा के बिना वाहन चलाना गैरकानूनी है और इसके लिए दंड का प्रावधान है। पहली बार और उसके बाद के उल्लंघनों के लिए भी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, बिना बीमा वाले वाहन चालकों को तीसरे पक्ष को हुए नुकसान, चोटों, कानूनी खर्चों के लिए आर्थिक रूप से उत्तरदायी ठहराया जा सकता है और उनके वाहन को जब्त भी किया जा सकता है।
सड़क सुरक्षा में सुधार के उपायों पर प्रकाश डालते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार 4E पर आधारित एक बहुआयामी रणनीति लागू कर रही है – शिक्षा, इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और आपातकालीन देखभाल।

