हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और लोगों को उनके घरों के करीब गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करने के लिए 300 डॉक्टरों, 200 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 150 सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती करेगी।
नादौन विधानसभा क्षेत्र के कंगू के पास एक स्वास्थ्य शिविर में सभा को संबोधित करते हुए सुखु ने कहा कि सरकार राज्य भर के सभी मेडिकल कॉलेजों में निदान सुविधाओं को उन्नत कर रही है। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक निदान सेवाएं प्रदान करने के लिए 500 करोड़ रुपये के उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में स्थापित की जा रही कुछ अत्याधुनिक मशीनें फिलहाल केवल नई दिल्ली स्थित एम्स में ही उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाएं अभी तक बिलासपुर स्थित एम्स या लुधियाना और जालंधर जैसे पड़ोसी शहरों में भी उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को केवल मेडिकल कॉलेजों तक सीमित नहीं रख रही है। सभी 70 आदर्श चिकित्सा संस्थानों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही है ताकि निवासियों को लंबी दूरी तय किए बिना विशेष उपचार मिल सके। उन्होंने आगे बताया कि नादौन, कंगू, गलौर और धनेटा के अस्पतालों में पहले ही डॉक्टरों की नियुक्ति हो चुकी है।
सुखु ने बताया कि जोलसप्पर स्थित डॉ. राधाकृष्णन सरकारी मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन शीघ्र ही किया जाएगा। उत्तर भारत में संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान को समर्पित अपनी तरह का यह पहला संस्थान भी यहीं स्थापित किया जाएगा। कुलपति को निर्देश दिया गया है कि वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाए, जिससे छात्र हमीरपुर में ही संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री ने निवासियों से स्वास्थ्य शिविर का पूरा लाभ उठाने का आग्रह करते हुए कहा कि इसी तरह के शिविर जल्द ही नादौन और जिले के अन्य हिस्सों में आयोजित किए जाएंगे।
शिक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे के बारे में सुखु ने बताया कि कंगू स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में नामित किया गया है। एक नई स्कूल इमारत का निर्माण किया जाएगा और छात्रों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। एक नए प्राथमिक स्कूल भवन का निर्माण भी शीघ्र ही शुरू होगा।
सुखु ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वित्तीय परिस्थितियों के बावजूद, राज्य आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए धन की कमी न होने का पूरा ध्यान रख रही है। कार्यक्रम में कई जन प्रतिनिधि, कांग्रेस नेता और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।


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