सौर ऊर्जा के दोहन पर जोर देते हुए इस वर्ष के अंत तक सात परियोजनाओं के पूरा होने से हिमाचल प्रदेश में 72 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न होगी। वर्तमान में 325 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाली आठ अतिरिक्त परियोजनाओं की स्थापना के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पूरी हो जाने के बाद, इन सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा ताकि अधिकतम सौर ऊर्जा का दोहन किया जा सके।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड (एचपीपीसीएल) ने ऊना जिले में दो परियोजनाओं का निर्माण कार्य आरम्भ कर दिया है, जिनमें से एक गोंदपुर बुल्ला में 12 मेगावाट क्षमता की है तथा दूसरी लमलाहरी उपरली में 11 मेगावाट क्षमता की है।
उन्होंने कहा कि सोलन जिले में तीन परियोजनाओं की स्थापना का काम चल रहा है। ये नालागढ़ के सनेड में 13 मेगावाट की परियोजना, बारा बरोट में आठ मेगावाट की परियोजना और दभोटा माजरा में 13 मेगावाट की परियोजना हैं। उन्होंने कहा, “नौ मेगावाट की दभोटा वन परियोजना के लिए जल्द ही निविदा दी जाएगी, जिसका निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, ऊना जिले के तिहरा खास में छह मेगावाट की सौर परियोजना के लिए भी निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इस महीने इसके स्वीकृत होने की उम्मीद है।”
मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “सरकार वर्ष 2026 तक हिमाचल प्रदेश को देश का पहला ‘हरित ऊर्जा’ राज्य बनाने का प्रयास कर रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता सुनिश्चित हो सके। हरित ऊर्जा का उपयोग करने से न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।”
सुखू ने कहा कि अक्षय ऊर्जा के स्रोत अक्षय हैं, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊना जिले के पेखूबेला में 32 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना 15 अप्रैल, 2024 को जनता को समर्पित की गई है। इस परियोजना से 48 मिलियन यूनिट बिजली पैदा हुई है, जिससे 31 जनवरी, 2025 तक 14 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, ऊना जिले के भंजाल में 5 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना 30 नवंबर, 2024 को शुरू हुई है। अघलौर में 10 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण इसी माह पूरा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रीन हाइड्रोजन ऊर्जा पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से सोलन जिले के नालागढ़ में एक मेगावाट की ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना का निर्माण शुरू किया गया है, जिसके लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
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