N1Live National बिहार में जाति आधारित गणना में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाया जाएगा: बिजेंद्र प्रसाद यादव
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बिहार में जाति आधारित गणना में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाया जाएगा: बिजेंद्र प्रसाद यादव

94 lakh poor families identified in the caste-based census in Bihar will be empowered: Bijendra Prasad Yadav

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने प्रदेश के 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपए का बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष के बजट से करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है। यह आंकड़ा वर्ष 2005 की तुलना में 11 गुना अधिक है।

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने जहां बिहार के आधारभूत संरचना के अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य के विकास के साथ गरीबों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जाति आधारित गणना में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाने व स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हाट बाजार विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है।

इसके अलावा, उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए चौथे कृषि रोडमैप की चर्चा करते हुए कहा कि चौथे कृषि रोडमैप (2023-28) को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही बिहार में उद्योगों के विकास के लिए उद्योग के क्षेत्र में 50 लाख करोड़ रुपए का निजी निवेश आकर्षित करने की योजना बनाई गई है।

बजट में डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और मखाना उद्योग को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव दिया गया है, जबकि प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज बनाने के प्रस्ताव की भी बात कही गई है। गरीबों को सस्ता आवास उपलब्ध कराने और खेल व पर्यटन के क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने पर भी बजट में जोर दिया गया है।

बुजुर्गों को स्वास्थ्य और संपत्ति पंजीकरण की सुविधा घर बैठे उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव बजट में है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाना है। पूर्णिया, बेतिया, समस्तीपुर, मधेपुरा और सारण के बाद 10 अन्य जिलों में चिकित्सा महाविद्यालय बनाए जाएंगे, और हर पंचायत में मॉडल स्कूल बनेंगे।

बजट में स्किल डेवलपमेंट के लिए हब और स्पोक मॉडल के तहत हर कमिश्नरी में मेगा स्किल सेंटर बनाने की भी बात बजट में की गई है। बजट में समृद्ध उद्योग सशक्त बिहार के तहत बंद चीनी मिलों को चालू करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। आगामी वर्ष के इस बजट में सबसे अधिक शिक्षा व उच्च शिक्षा पर 68,216.95 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जबकि ग्रामीण विकास पर 23,701.18 करोड़ रुपए और स्वास्थ्य पर 21,270.40 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

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