January 17, 2026
Entertainment

एआर रहमान को क्यों नहीं मिल रहा काम, समीर अंजान ने रखा पक्ष

Sameer Anjaan explains why AR Rahman is not getting work.

600 से ज्यादा फिल्मों को बेहतरीन गाने देने वाले लिरिक्स राइटर समीर अंजान, भारतीय संगीतकार और गिटारवादक एहसान नूरानी और भारतीय सिनेमा के गीतकार प्रसून जोशी ने नए सिंगर्स के लिए नया प्लेटफॉर्म “गुनगुनालो” ऐप लॉन्च किया है। लॉन्च के मौके पर समीर अंजान ने ऐप के साथ-साथ ए.आर. रहमान के हिंदी सिनेमा को लेकर दिए बयान पर भी अपनी राय रखी है।

“गुनगुनालो” ऐप पर बात करते हुए समीर अंजान ने कहा, “म्यूजिक इंडस्ट्री इतनी बिखरी हुई है कि सिंगर्स और आर्टिस्ट को पता नहीं है कि वे कहां जाएं, कहां काम करें। कई ऐसे प्रतिभा से भरे सिंगर्स मौजूद हैं, जिन्हें पहचान नहीं मिल पा रही है और इसी परेशानी का हल निकालने के लिए जावेद अख्तर और शंकर महादेवन ने सोचा कि क्यों न कलाकारों के लिए कुछ ऐसा किया जाए, जो उनका खुद का हो। विचार-विमर्श के बाद गुनगुना लो ऐप बनाने का निर्णय लिया। ये ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां कोई भी कलाकार बंधा हुआ नहीं है। कोई भी सिंगर अपना गाना यहां डाल सकता है।”

उन्होंने आगे कहा कि अगर सिंगर्स को लगता है कोई उनका गाना या संगीत नहीं ले रहा है और वह बहुत ही अच्छा है तो वे इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सभी के लिए उपलब्ध है। मुझे उम्मीद है कि हमारी कोशिश बहुत आगे तक जाएगी और हर किसी को सराहना भी मिलेगी।

गानों के रीमेक पर बात करते हुए लिरिक्स राइटर समीर अंजान ने कहा कि रीमेक का मतलब गानों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना होता है, न कि बिगाड़ना। ऐसे में कुछ अच्छे पुराने गानों के साथ कर पा रहे हैं तो यह आपके लिए अच्छी बात है। पीढ़ी बदल रही है और पीढ़ी को समझना भी जरूरी है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए सभी को मुक्त होकर काम करने का मौका मिलेगा।

एआर रहमान के कम्युनिज्म वाले बयान पर समीर अंजान का कहना है कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है और जो उन्हें महसूस हुआ होगा, वह उन्होंने कह दिया। उन्हें क्रिएटिव फ्रीडम नहीं मिली होगी और यही वजह रही होगी कि उन्हें काम कम मिलने लगा। हम इस प्लेटफॉर्म के जरिए सबको अपनी प्रतिभा दिखाने का बराबर मौका देंगे।

भारतीय संगीतकार और गिटारवादक एहसान नूरानी का कहा, “संगीत ग्लोबल है, इसका जातिवाद या अल्पसंख्यक या किसी जाति विशेष से कोई लेना-देना नहीं है। आपको सिर्फ अच्छे गानों से मतलब होना चाहिए, और मुझे लगता है कि उनका भी यही कहना होगा।”

लेखक, पटकथा लेखक और भारतीय सिनेमा के गीतकार प्रसून जोशी ने भी “गुनगुनालो” ऐप के बारे में बताया कि अभी तक सिंगर्स को बंदिशों के साथ गाते हुए देखा गया है, लेकिन यह ऐप मुक्त होकर गाने का मौका देता है। हर किसी की अपनी क्रिएटिविटी होती है, और ऐसे में यह ऐप सबके सपनों को पूरा करने का हौसला देता है।

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