वन विभाग की टीमों ने शिमला जिले के रोहरू में छह आभूषण की दुकानों से 86 संदिग्ध तेंदुए के पंजे, पांच दांत, एक अज्ञात जानवर का एक और पंजा और अज्ञात पक्षियों के 10 पंख सहित 100 से अधिक वन्यजीव वस्तुएं जब्त करने के बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया। मंगलवार को अधिकारियों को वन्यजीव वस्तुओं के अवैध कब्जे और बिक्री के बारे में सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की गई। इसके बाद विभाग ने ‘ऑपरेशन क्लॉइंग बैक’ शुरू किया और मेन मार्केट और लोअर बाजार की दुकानों पर छापेमारी की।
तीन घंटे तक चले इस अभियान में डिप्टी रेंजर्स, फॉरेस्ट गार्ड्स और वन मित्रों की 45 सदस्यीय टीम शामिल थी, जिन्होंने एक साथ छापेमारी करके सामान बरामद किया। इस मामले में पांच दुकान मालिकों और एक प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है। संभागीय वन अधिकारी एन रविशंकर ने कहा कि जब्त की गई वस्तुएं संभवतः आभूषणों में उपयोग के लिए थीं और प्रजाति, आयु और वस्तुओं की प्रामाणिकता निर्धारित करने के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) और अन्य प्रयोगशालाओं के समन्वय से फोरेंसिक जांच के लिए भेजी जाएंगी।
आरोपी के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 42ए, 44 और 49बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी ने आगे कहा कि आने वाले दिनों में अभियान तेज किया जाएगा और अवैध शिकार, शिकार और वन्यजीव वस्तुओं के अवैध व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ और अधिक कार्रवाई की उम्मीद है।


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