राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) की एक टीम ने पानीपत जिले के सिथाना गांव में एक आवासीय भूखंड की स्वामित्व रिपोर्ट जारी करने के लिए 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एक पटवारी और उसके निजी सहायक को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपियों की पहचान मदलाउदा तहसील कार्यालय में पटवारी के पद पर तैनात संदीप और उनके निजी सहायक जयभगवान के रूप में हुई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, सिथाना गांव में उनका 160 वर्ग फुट का एक भूखंड है, जिसके एक हिस्से पर कुछ अन्य लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि स्वामित्व रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए वे अपने भूखंड का सीमांकन करवाना चाहते हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने पटवारी संदीप से संपर्क किया था। हालांकि, पटवारी और उसके निजी सहायक जयभगवान ने सीमांकन करने और स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 15,000 रुपये की मांग की, उसने पानीपत इकाई के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो को दी गई शिकायत में यह आरोप लगाया।
शिकायत के बाद, भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7ए के तहत संदीप और जयभगवान के खिलाफ मामला दर्ज किया और एक जाल बिछाया। बुधवार शाम को, जब पटवारी और उसका निजी सहायक शिकायतकर्ता से रिश्वत ले रहे थे, तभी एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया और रिश्वत की रकम बरामद कर ली। एसीबी ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।


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