25 फरवरी । मध्य प्रदेश के धार जिले के इंडस्ट्रियल इलाके पीथमपुर में एक नाबालिग 10वीं की छात्रा ने बोर्ड का पेपर लिखते समय एग्जाम सेंटर के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दिया।
यह घटना मंगलवार को सेक्टर-1 पुलिस स्टेशन के इलाके में एक प्राइवेट स्कूल में हुई, जो मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के एग्जाम सेंटर के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था।
लड़की अपना मैथ्स का पेपर दे रही थी। इसी दौरान टेस्ट के बीच में अचानक पेट में तेज दर्द की शिकायत की। बाद में वह टॉयलेट गई, जहां उसे अचानक लेबर पेन शुरू हो गया और उसने एक लड़के को जन्म दिया। जब वह कई मिनट बाद भी नहीं आई, तो परेशान इंस्पेक्टर और स्टाफ बच्चे के रोने की आवाज सुनकर बंद टॉयलेट के दरवाजे के पास पहुंचे। इसके बाद एग्जाम सेंटर मैनेजमेंट ने तुरंत 108 इमरजेंसी एम्बुलेंस सर्विस को बताया।
स्टूडेंट और उसके बच्चे को तुरंत मेडिकल केयर के लिए पीथमपुर के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाया गया। डॉक्टरों ने कन्फर्म किया कि मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर है और वे ठीक हैं, वे अभी ऑब्जर्वेशन में हैं। लड़की को बच्चे के साथ शाम करीब 5 बजे सेंटर लाया गया था और मेडिकल स्टाफ ने उनकी हालत नॉर्मल बताई।
इस घटना से सेंटर के स्टूडेंट्स और स्टाफ में घबराहट फैल गई। पुलिस ने पीथमपुर पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज करके इसे इंदौर जिले के बेटमा पुलिस के अधिकार क्षेत्र में ट्रांसफर कर दिया है, क्योंकि लड़की बेटमा में रहती है और परीक्षा देने के लिए सिर्फ पीथमपुर सेंटर पर थी।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में धार के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एएसपी) विजय डाबर ने घटना की पुष्टि की और कहा कि वह मंगलवार को सेंटर पर परीक्षा देने वाली थी। एक जीरो एफआईआर दर्ज करके बेटमा पुलिस स्टेशन एरिया को भेज दी गई है, क्योंकि वह इंदौर पुलिस के अधिकार क्षेत्र के शहर की रहने वाली थी।
पूछताछ के दौरान, पीड़िता ने बताया कि वह पिछले दो साल से एक लड़के के संपर्क में थी। आरोपी की पहचान हो गई है। पुलिस ने बताया कि वे उसे जल्द ही पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। आरोपी के खिलाफ नाबालिगों की सुरक्षा के नियमों सहित संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामले के सभी पहलुओं की पूरी जांच की जाएगी।


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