कांगड़ा जिले की नूरपुर तहसील के जाछ गांव के गुरु रविदास सुधार सभा के सदस्यों ने बुधवार को राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान से उनके कार्यालय में मुलाकात की। उन्होंने धीमान से आग्रह किया कि दो सटे हुए सरकारी भवनों के बीच स्थानीय लोगों के लिए एक सड़क का निर्माण किया जाए।
सभा के सचिव गुरदयाल सिंह ने बताया कि डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय कार्यालय और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के स्वामित्व वाली एक भूखंड की सीमा आपस में मिलती है। उन्होंने आगे बताया कि स्वामित्व हस्तांतरण से पहले स्थानीय लोगों को इन भूखंडों से होकर परिवहन की पूरी सुविधा थी, लेकिन अब दोनों सीमाओं के बीच केवल दोपहिया वाहनों के लिए ही एक संकरा रास्ता बचा है।
गुरदयाल सिंह ने बताया कि जाछ, बासा और कुलहन गांवों के लगभग 6,000 निवासियों को परिवहन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और आपात स्थिति में एम्बुलेंस भी मरीजों तक नहीं पहुंच पाती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत की कि सरकारी संपत्ति से सटी जमीन पर कृषि गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं क्योंकि ट्रैक्टर और भारी कृषि मशीनें इन क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाती हैं।
धीमान ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इस मामले को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा और जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग के संज्ञान में लाए गए सभी मामलों का अध्ययन किया जाता है और नियमों के अनुसार उनका निपटारा किया जाता है। इस अवसर पर अनुसूचित जाति राज्य आयोग के सदस्य विजय डोगरा और दिग्विजय मल्होत्रा के अलावा सदस्य सचिव विनय मोदी भी उपस्थित थे।


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