March 2, 2026
National

एसआईआर पर अर्जुन मुंडा ने कहा, सिर्फ पश्चिम बंगाल में क्यों हो रही है समस्या

Arjun Munda on SIR: Why is the problem happening only in West Bengal?

2 मार्च । पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर भाजपा सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश में हो रहा है, सिर्फ एक राज्य में नहीं। जो हो रहा है वह देश के सभी राज्यों में हो रहा है, इसलिए कोई विशेष समस्या नहीं है। हाालांकि यह बड़ा सवाल है कि सिर्फ बंगाल में ही दिक्कतें क्यों हैं।

चुनाव आयोग ने 28 फरवरी को एसआईआर के बाद नई वोटर लिस्ट प्रकाशित की थी। इस सूची के मुताबिक राज्य में कुल मतदाता 7,04,59,284 हैं। एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें बूथ स्तर के अधिकारी खुद जाकर मतदाता नामावली फॉर्म वितरित और संग्रहित करते रहे। इससे मृतक, स्थायी रूप से बाहर गए मतदाता और डुप्लीकेट नाम को हटाने में मदद मिली।

संशोधन प्रक्रिया से पहले 27 अक्टूबर 2025 तक पश्चिम बंगाल में कुल 7,66,37,529 मतदाता थे, जिनमें पुरुष 3,89,03,865, महिला 3,77,31,887 और थर्ड जेंडर के 1,777 मतदाता शामिल थे। हालांकि, एसआईआर की प्रक्रिया में 58,20,899 फॉर्म प्राप्त नहीं हुए, जिनमें मृतक 24,16,852, अनुपस्थित 12,20,039 समेत अन्य शामिल हैं।

बता दें कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी छह मार्च को कोलकाता में धरना देंगी। यह धरना राज्य में एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने के विरोध में होगा।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकती, इसलिए वह चुनाव आयोग के माध्यम से मतदाता सूची में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने पहले ही एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने का लक्ष्य तय कर लिया था। यह फैसला एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कर लिया गया था। मनमाने ढंग से नाम हटाए जाने के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 6 मार्च को कोलकाता में धरना देंगी।

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